उदयपुर में रैंप के नाम पर दिव्यांगों के साथ क्रूर मज़ाक

जहाँ पहिए थम जाते हैं और बैसाखियां जवाब दे देती हैं 
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Ramp Issue

 

Udaipur Times, Udaipur News: 11 जुलाई 2026। हिरण मगरी सेक्टर 4 (उदयपुर) स्थित एक बैंक की शाखा के मुख्य द्वार पर दिव्यांगों और बुजुर्गों की 'सुविधा' के नाम पर एक रैंप तो खड़ा कर दिया है, लेकिन वह रैंप किसी पहाड़ की चढ़ाई जैसा तीखा और दोषपूर्ण है। हकीकत यह है कि बैसाखी व व्हीलचेयर के सहारे चलने वाले दिव्यांगों के लिए अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित यह रैंप पूरी तरह अनुपयोगी और एक जानलेवा बाधा साबित हो रहा है। Udaipur News

हाल ही में एक ह्रदयविदारक घटना में, जब एक दिव्यांग महिला अपने जरूरी बैंकिंग कार्य के लिए इस शाखा में पहुँची, तो इस तीखे रैंप को देखकर उसकी हिम्मत जवाब दे गई। व्हीलचेयर या बैसाखी के सहारे उस ढाल पर चढ़ना सीधे-सीधे हादसे को आमंत्रण देने जैसा था। अपनी बेबसी पर आंसू बहाती उस महिला ने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपनी दोनों बैसाखियों को अपने हाथों में समेटा और घुटनों व हाथों के बल, रेलिंग को पकड़कर एक-एक सीढ़ी रेंगते हुए बैंक के भीतर प्रवेश किया। Udaipur News

दिल को चीर देने वाला यह मंजर तब और भयावह हो गया, जब अपना काम निपटाकर लौटते वक्त भी उस बेबस महिला को इसी अमानवीय प्रताड़ना से गुजरना पड़ा। तस्वीरें गवाह हैं कि किस तरह एक नागरिक को अपने ही देश के एक राष्ट्रीयकृत बैंक के सामने अपने आत्मसम्मान को घिसटने पर मजबूर होना पड़ा। Udaipur News

मूकदर्शक बना रहा सुरक्षाकर्मी: मर चुकी है तंत्र की संवेदना

इस पूरी घटना का सबसे काला और शर्मनाक पहलू यह था कि मुख्य द्वार पर वर्दी पहने बैंक का सुरक्षाकर्मी मुस्तैदी से खड़ा था। वह इस पूरी जद्दोजहद और महिला के संघर्ष को एक 'मूकदर्शक' बनकर निहारता रहा। मानवता को शर्मसार करते हुए उस गार्ड ने महिला को सहारा देना तो दूर, उसकी तरफ हाथ बढ़ाना भी गवारा नहीं किया। यह संवेदनशीलता की पराकाष्ठा है जो यह दर्शाती है कि बैंक प्रबंधन अपने कर्मचारियों को इंसानियत का पाठ पढ़ाना भूल गया है। Udaipur News

दिव्यांग अधिकार संघर्ष मंच ने उठाई आवाज, आयुक्त को मेल कर भेजा पत्र

उदयपुर की इस अमानवीय और कानून का मखौल उड़ाने वाली घटना को लेकर दिव्यांग अधिकार संघर्ष मंच के जुझारू सदस्य दिनेश जाटव ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने घटना की रूह कंपा देने वाली तस्वीरों को साक्ष्य के रूप में संलग्न करते हुए 'विशेष योग्यजन आयुक्त, जयपुर' को एक अत्यंत भावुक और सख्त शिकायती पत्र भेजा है और बैंक प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

"यह सिर्फ एक बैंक की लापरवाही नहीं है, यह देश के हर उस दिव्यांग का अपमान है जो स्वाभिमान से जीना चाहता है। 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPwD Act) के तहत हर सार्वजनिक स्थान को सुगम बनाना अनिवार्य है, लेकिन बैंक ऑफ इंडिया ने रैंप के नाम पर सिर्फ दिखावा किया है। इस कृत्य के लिए बैंक प्रबंधन को देश के दिव्यांग समाज से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए और इस तीखे रैंप को तुरंत सुगम व मानक स्तर का बनाना चाहिए।"  दिनेश जाटव, सदस्य (दिव्यांग अधिकार संघर्ष एवं न्याय हित मंच, उदयपुर)

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