साइबर अलर्ट: ऑनलाइन वेडिंग कार्ड के नाम पर ठगी से सावधान, राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी
शादी के सीजन के साथ साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं
Udaipur Times News, Cyber Crime, जयपुर, 5 अक्टूबर 2026। शादी के सीजन के साथ साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं।
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम विंग आर4सी ने ऑनलाइन वेडिंग कार्ड, होटल वेन्यू और प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो के नाम पर भेजी जा रही संदिग्ध एपीके फाइलों और फिशिंग लिंक को लेकर आमजन को अलर्ट किया है। Cyber Crime
पुलिस ने चेतावनी दी है कि अनजान फाइल या फर्जी लिंक खोलने से मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है और व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है। महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर क्राइम विंग की ओर से लगातार साइबर अपराधों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि साइबर ठग लोगों की खुशी और भावनाओं का फायदा उठाकर व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया के जरिए फर्जी शादी के निमंत्रण, होटल का पता, वेडिंग कार्ड या प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो के नाम पर संदिग्ध फाइल और लिंक भेज सकते हैं।
शादी का कार्ड देखने के नाम पर भेज सकते हैं APK फाइल साइबर ठग मैसेज में लिख सकते हैं कि "शादी का कार्ड भेजा है, जरूर देखना" या "प्री-वेडिंग की फोटो और वीडियो हैं, जरूर देखना।" इसके साथ एपीके एक्सटेंशन वाली फाइल भेजी जा सकती है। Udaipur News
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शादी का कार्ड, फोटो या वीडियो देखने के लिए एपीके फाइल डाउनलोड करने की कोई जरूरत नहीं होती। सामान्य तौर पर शादी के कार्ड पीडीएफ, जेपीजी या पीएनजी इमेज के रूप में भेजे जा सकते हैं। Online Fraud
ऐसे में किसी भी संदिग्ध एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। फर्जी वेबसाइट के जरिए भी हो सकता है फ्रॉड साइबर ठग वेडिंग कार्ड, होटल बुकिंग या शादी के निमंत्रण के नाम पर फिशिंग लिंक भी भेज सकते हैं। लिंक खोलने पर फर्जी वेबसाइट मोबाइल नंबर, बैंकिंग जानकारी या अन्य संवेदनशील जानकारी भरने के लिए कह सकती है।
कुछ मामलों में संदिग्ध सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराने का प्रयास भी किया जा सकता है। परिचित के नंबर से आए मैसेज पर भी न करें आंख मूंदकर भरोसा पुलिस के अनुसार साइबर ठग किसी परिचित या रिश्तेदार का व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर उसके नाम से भी फर्जी मैसेज भेज सकते हैं। Udaipur Crime
परिचित के नंबर से संदेश आने के कारण लोग बिना सत्यापन किए लिंक या फाइल खोल देते हैं। इसलिए संदिग्ध मैसेज मिलने पर पहले संबंधित व्यक्ति को फोन करके इसकी पुष्टि करनी चाहिए। बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान शादी का कार्ड, फोटो या वीडियो देखने के लिए किसी भी एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
मोबाइल में 'इंस्टॉल अननोन ऐप्स' या 'अननोन सोर्सेज' का विकल्प बंद रखें। परिचित या रिश्तेदार के नंबर से संदिग्ध लिंक या फाइल आने पर पहले फोन करके पुष्टि करें। अनजान लिंक पर क्लिक कर मोबाइल नंबर, बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या अन्य संवेदनशील जानकारी दर्ज न करें।
अगर गलती से संदिग्ध ऐप डाउनलोड हो जाए तो तुरंत इंटरनेट बंद कर दें या फोन को फ्लाइट मोड पर कर दें। इसके बाद संदिग्ध ऐप को अनइंस्टॉल कर मोबाइल को विश्वसनीय सुरक्षा एप्लिकेशन से स्कैन करें। जरूरत पड़ने पर एम-कवच 2 या ई-स्कैन बॉट रिमूवल टूल जैसे विश्वसनीय मोबाइल सुरक्षा टूल का उपयोग किया जा सकता है। Udaipur Crime News
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत राजस्थान पुलिस ने अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने या ठगी के प्रयास की स्थिति में बिना देरी किए नजदीकी पुलिस थाने या साइबर पुलिस स्टेशन में सूचना दें। साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर की जा सकती है।
इसके अलावा राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दी जा सकती है।