डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के सहयोग से साइक्लिस्ट दीपक के सपनों को मिली नई रफ्तार
उदयपुर पहुंचकर मेवाड़ राजपरिवार से मिले, अमेरिका में भारत का प्रतिनिधित्व करने को मिला सहयोग
उदयपुर 28 जनवरी 2026 - किसी ने सही कहा है कि अगर इंसान किसी चीज़ को दिल से चाहता है, तो उसे पाने का रास्ता खुद-ब-खुद बन जाता है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी ओडिशा के गंजम जिले के एक छोटे से गांव से निकले 18 वर्षीय दीपक कुमार की है, जिन्होंने अपने जुनून और हौसले के दम पर करीब 2000 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय कर उदयपुर पहुंचकर अपने सपने को एक नई दिशा दी। दीपक कुमार ओडिशा से साइकिल पर उदयपुर पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात मेवाड़ के पूर्व राजघराने के सदस्य श्री जी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उनकी पत्नी महारानी निवृति कुमारी से हुई।
यह मुलाकात आसान नहीं थी। दीपक को ओडिशा से उदयपुर पहुंचने में कई दिन लगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान वे प्रतिदिन 100 से 120 किलोमीटर तक साइकिल चलाते थे और रोज करीब 18 घंटे साइक्लिंग करते थे। दीपक ने अपनी साइकिल का नाम ‘अभिमन्यु’ रखा है। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य इस साइकिल से कुल 1 लाख 45 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी करना है, जिसमें से अब तक वे करीब 83 हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। इस यात्रा के दौरान साइकिल के दोनों पहियों के कुल 533 ट्यूब बदले जा चुके हैं।
दीपक एक जुनूनी साइक्लिस्ट हैं। उन्होंने बताया कि कोविड काल के बाद उनमें साइक्लिंग का शौक जुनून में बदल गया। शुरुआत उन्होंने अपने नाना की साइकिल से की थी, जिसका नाम भी उन्होंने ‘अभिमन्यु’ रखा। इस यात्रा में दीपक अकेले नहीं थे, बल्कि उनके साथ 17 वर्षीय दोस्त अमित भी साइकिल से उदयपुर पहुंचे। दीपक ने बताया कि उनका पहला लंबा साइकिल सफर ओडिशा से प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए था, जिसमें उन्होंने लगातार 18 दिन साइकिल चलाकर करीब 1500 किलोमीटर की दूरी तय की। इसके बाद उन्होंने ऑल इंडिया साइकिल टूर किया, जिसमें 12 ज्योतिर्लिंग, चार धाम, देश के सभी राज्य, नेपाल और भूटान शामिल हैं।
धीरे-धीरे उनका यह जुनून साइक्लिंग स्पोर्ट्स में बदल गया। एक दोस्त के कहने पर उन्होंने अहमदाबाद में हुई पहली साइक्लिंग रेस में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने देशभर में कई साइक्लिंग प्रतियोगिताओं में भाग लिया और पुरस्कार भी जीते। अब दीपक अप्रैल 2026 में अमेरिका में होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। हालांकि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए उन्हें एक विशेष साइकिल की आवश्यकता है, जिसकी कीमत काफी अधिक है और जिसे खरीदना उनके लिए संभव नहीं था। इसी दौरान उन्हें सोशल मीडिया पर फॉलो किए जाने वाले श्रीजी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और महारानी निवृति कुमारी का ध्यान आया। निवृति कुमारी ओडिशा से होने के कारण दीपक को उनसे मिलने की उम्मीद जगी।
उम्मीद लेकर दीपक अपने दोस्त अमित के साथ साइकिल से उदयपुर पहुंचे। रास्ते में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन राजस्थान में प्रवेश करते ही लोगों ने उनका दिल खोलकर स्वागत किया। किसी ने भोजन कराया तो किसी ने रात रुकने की व्यवस्था की। दीपक का कहना है कि राजस्थान के लोग बेहद अच्छे और मददगार हैं। उदयपुर पहुंचने के बाद दोनों युवक सिटी पैलेस पहुंचे और अपनी कहानी स्टाफ को बताई। इसके बाद उनकी मुलाकात श्रीजी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और महारानी निवृति कुमारी से करवाई गई।
दीपक ने जब उन्हें अपनी पूरी यात्रा और संघर्ष के बारे में बताया तो दोनों ने उनका हौसला बढ़ाया और अमेरिका में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही प्रतियोगिता के लिए आवश्यक महंगी साइकिल उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। इसके अलावा उदयपुर में उनके ठहरने, भोजन और भ्रमण की भी व्यवस्था की गई।
दीपक ने बताया कि उनके परिवार में माता-पिता और दो छोटे भाई हैं। पिता बेरोजगार हैं, जबकि मां नमकीन बनाने की फैक्ट्री में काम करती हैं। मां की आय से ही घर का खर्च और भाइयों की पढ़ाई चलती है। दीपक यूट्यूब पर वीडियो बनाकर होने वाली छोटी आय से मां की मदद करते हैं।
दीपक ने श्रीजी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और महारानी निवृति कुमारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने उनका सहयोग किया है, वह अमेरिका में होने वाली प्रतियोगिता में पूरी मेहनत और लगन से देश का नाम रोशन करने की कोशिश करेंगे।
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