निजी प्रैक्टिस पर रोक के आदेशों के खिलाफ डॉक्टरों का विरोध तेज
सर्वसम्मति से इन आदेशों पर कड़ी आपत्ति दर्ज की
उदयपुर 18 नवंबर 2025। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और अस्पतालों के अधीक्षकों पर निजी प्रैक्टिस रोकने संबंधी आदेशों का विरोध तेजी से बढ़ रहा है। राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (RMCTA) की उदयपुर इकाई ने सोमवार को एमबी अस्पताल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों पर गंभीर चर्चा की गई।
बैठक में सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इन आदेशों पर कड़ी आपत्ति दर्ज की। RMCTA सदस्यों ने कहा कि यह निर्देश चिकित्सकों, विशेषकर वरिष्ठ प्रोफेसरों के हितों पर प्रत्यक्ष आघात है। यह न केवल वरिष्ठता और योग्यता, बल्कि प्रशासनिक अनुभव की भी उपेक्षा करता है। आदेशों से यह भी संकेत मिलता है कि सरकार राज्य से बाहर के चिकित्सकों को वरिष्ठ पदों पर प्राथमिकता देने की तैयारी कर रही है, जो राजस्थान के शिक्षकों के लिए हानिकारक और अस्वीकार्य है।
एसोसिएशन ने अधिकतम आयु 57 वर्ष तय करने को भी असंवैधानिक बताया, जबकि सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित है। सदस्यों का कहना था कि यह आदेश चिकित्सा संस्थानों की कार्यप्रणाली को बाधित करेगा और प्रैक्टिशनर डॉक्टरों के लिए चयनात्मक रूप से अवसर सीमित कर देगा। पहले अधिकांश प्रिंसिपल और अधीक्षक न केवल उत्कृष्ट चिकित्सक रहे हैं, बल्कि कुशल प्रशासक भी रहे हैं।
