जिंदा बेटी का मृत्यु भोज!
तीन बच्चों को छोड़कर भागी महिला को पिता ने मृत घोषित कर छपवाई शोक पत्रिका, किया पैतृक संपत्ति से बेदखल
उदयपुर 14 जनवरी 2026 । ज़िले के ओगणा थाना क्षेत्र के चौहानवास गांव से सामने आए एक मामले ने पूरे क्षेत्र में पारिवारिक, सामाजिक और नैतिक मूल्यों को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। यहां चौहानवास निवासी एक पिता ने अपनी विवाहित पुत्री जमना कंवर को समाज में सामाजिक रूप से मृत घोषित कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार महिला का विवाह करीब 10 वर्ष पूर्व खेड़ा निवासी व्यक्ति के साथ सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। दंपती के तीन छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र लगभग 2 वर्ष, 4 वर्ष और साढ़े 5 वर्ष बताई जा रही है।
करीब दो माह पूर्व महिला अपने पति और तीनों मासूम बच्चों को छोड़कर खेड़ा गांव के ही अन्य व्यक्ति के साथ घर से चली गई और उसके साथ विवाह कर लिया। इस घटना के बाद परिजनों, समाजजनों और पुलिस प्रशासन द्वारा कई बार समझाइश के प्रयास किए गए, लेकिन युवती अपने फैसले पर अडिग रही।
परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई थी। इसके बाद पुलिस ने युवती को दस्तयाब कर परिजनों और बच्चों से मिलवाया, लेकिन उसने अपने माता-पिता और बच्चों को पहचानने से इनकार कर दिया। इस घटना से पिता रूप सिंह पूरी तरह टूट गए।
इसके बाद परिजनों ने गांव और समाज में महिला को मृत घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, बाकायदा शोक संदेश पत्रिका छपवाकर सगे-संबंधियों और समाजजनों में वितरित की गई तथा जिंदा बेटी का मृत्यु भोज भी आयोजित किया गया।
पीहर पक्ष एवं वाकल राजपूत समाज की बैठक में सर्वसम्मति से महिला को सामाजिक रूप से मृत घोषित करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत पारंपरिक रूप से गौरणी-धूप कर मृत्यु भोज का आयोजन किया गया। साथ ही रजिस्टर्ड वसीयत के माध्यम से उसे पैतृक संपत्ति से बेदखल करने का भी निर्णय लिया गया।
लड़की के पिता का कहना है कि “जिस दिन हमारी बेटी ने हमें और अपने बच्चों को पहचानने से इनकार कर दिया, उसी दिन वह हमारे लिए मर चुकी है।”
पिता द्वारा छपवाई गई शोक संदेश पत्रिका सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। गौरणी-धूप कार्यक्रम में परिजन, रिश्तेदार एवं समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और समाज में रिश्तों, जिम्मेदारियों व परंपराओं पर गहन सवाल खड़े कर रहा है।
