Rajsamand: कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग
ABVP ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया
उदयपुर 17 सितंबर 2025। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुनीता मिश्रा के औरंगजेब को कुशल प्रशासक व अकबर के महान राजा वाले बयान को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया
जिला संयोजक गोपाल कुमावत ने बताया कि महाराणा प्रताप की वीरता और बलिदान की धरा पर इस प्रकार का वक्तव्य न केवल हमारी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है बल्कि इतिहास के साथ भी घोर अन्याय है अकबर और औरंगजेब दोनों ने भारत की संस्कृति धर्म और स्वाभिमान को रौंदने का कार्य किया व अकबर ने साम्राज्य विस्तार के लिए आक्रामक नीतियाँ अपनाईं, जिनके विरोध में महाराणा प्रताप ने स्वतंत्रता एवं स्वाभिमान की रक्षा हेतु आजीवन संघर्ष किया।
विभाग संयोजक देवेश पालीवाल ने बताया कि औरंगज़ेब अपने शासनकाल में धार्मिक कट्टरता, मंदिरों के विध्वंस और असंख्य अत्याचारों के लिए कुख्यात रहा। ऐसे में कुलगुरु का यह कथन विद्यार्थियों और समाज के बीच ऐतिहासिक भ्रम एवं गलत संदेश फैलाने वाला है। यह पद की गरिमा के विपरीत एवं उच्च शिक्षा संस्थान की साख को ठेस पहुँचाने वाला आचरण है।
उन्होंने मांग रखी कि इस मामले में कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, राज्यपाल एवं उच्च शिक्षा मंत्री इस पर आवश्यक संज्ञान लेकर ठोस कार्यवाही करे, यदि समय रहते कुलगुरु को उनके पद से बर्खास्त नहीं किया गया, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बाध्य होकर प्रदेशभर में आंदोलन करेगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी
ज्ञापन और प्रदर्शन के दौरान पूर्व प्रांत सहमंत्री किशन गुर्जर ,प्रांत कार्यकारणी सदस्य विपुल पालीवाल, भाग संयोजक धर्मेश गुर्जर, इकाई अध्यक्ष किशन सिंह, प्रद्युमन सिंह, चिराग लोहार, ललित पालीवाल, कमलेश सुरेचा, नीता सुथार, निखिल खोईवाल, हर्षवर्धन सिंह, जुली सुथार, सपना राठौर, टीना राठौड़, तारा, खुशबू पालीवाल, पूनम रैगर, तनवी राव, किशन अहीर, तुषार पालीवाल, मोहित सेन, कार्तिक लखारा, धीरेन्द्र वर्मा, अक्षयराज सिंह, मनीष कुमार मेघवाल, नवीन साल्वी, दर्शील जैन, सुजल,अभिनव, पूजा, शरिया, अरशिना, उमा, छाया, अल्फ़ीज़ा, कुमकुम गाडरी सहित अनेकों कार्यकर्ता मौजूद रहे ।