CHC बंबोरा के औचक निरीक्षण में CMHO और डॉ मुकेश के बीच विवाद

CHC बंबोरा के औचक निरीक्षण में CMHO और डॉ मुकेश के बीच विवाद

विवाद का वीडियो वायरल

 
dcotors dispute

उदयपुर 4 मार्च 2024। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं समस्त चिकित्सा संस्थानों के विशेष औचक निरीक्षण अभियान के तहत सोमवार को बंबोरा स्थित CHC पर निरीक्षण करने पहुंचे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉक्टर एसएल बामनिया और CHC के सेकंड मेडिकल ऑफिसर डॉ मुकेश अटल के बीच में विवाद हो गया, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वायरल हुए वीडियो के अनुसार डॉ.मुकेश अटल CHC के निरीक्षण के दौरान डॉ. बामनिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में डॉ. अटल को डॉ. बामनिया के खिलाफ यह कहते हुए भी देखा जा सकता है कि वह निरीक्षण पर पहुंचे और डॉक्टर के चेंबर में आने के बाद उसे चैंबर से बाहर निकाल दिया, साथ ही उसे मरीजों को भी नहीं देखने दिया गया। डॉ. अटल CMHO पर उन्हें परेशान करने और मरीजों को देखने से उन्हें रोकने का आरोप लगाते हुए दिख रहे हैं। 

इस घटना को लेकर CMHO डॉ. शंकर लाल बामनिया ने एक वीडियो जारी करते हुए प्रेस को सूचना दी कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे सभी चिकित्सा संस्थानों के औचक निरीक्षण के संदर्भ में सोमवार को वह CHC बंबोरा पहुंचे थे, वहां पहुंचने पर CHC इंचार्ज तो नहीं थे वह फील्ड निरीक्षण के लिए गए हुए थे और सेकंड मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर मुकेश अटल मौजूद, जब वहां इंचार्ज के चेंबर में गए तो उन्होंने उन्हें कुर्सी पर बैठने भी नहीं दिया, जब उन्होंने CHC पर आए हुए मरीजों की लिस्ट के बारे में पूछा और वहां के कामकाज के बारे में जानकारी मांगी तो डॉ. अटल ने उन्हें जानकारी देने से इनकार कर दिया और खुद ही कुर्सी से उठकर चैंबर से बाहर चले गए और उन पर मरीज को ना देखने देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे, साथ ही उन्होंने इस पूरी घटना का बिना डॉ.बामनिया की इजाजत लिए ही अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाया जिसको उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

डॉ.बामनिया ने कहा कि डॉ. अटल द्वारा CHC पर आए हुए मरीजों को भी नहीं देखा गया, करीब 35 से अधिक ऐसे मरीज जिनकी उम्र 30 साल सें अधिक थी उनका ना तो बीपी चेक किया गया ना ही शुगर चेक की गई और नाही उनकी एंट्री पोर्टल पर की गई।

बामनिया ने कहा कि इस पूरे निरिक्षण के दौरान CHC की व्यवस्थाएं बद से बदतर पाई गईं, चारों तरफ कूड़ा करकट और कचरा फैला हुआ था, कर्मचारी भी यूनिफॉर्म में नहीं पाए गए। साथ ही बायोमेट्रिक मशीन भी लटकी हुई मिली और जब इस संबंध में बामनिया ने डॉ.अटल से बात करना चाही तो उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया और उनके साथ अभद्र भाषा में बोलना शुरू कर दिया बदतमीजी करने लग गए ।

डॉ बामनिया ने कहा कि इस पूरी घटना को लेकर अब वह अपने आला अधिकारियों को एक पत्र लिखेंगे क्योंकि जो निरीक्षण उनके द्वारा  किया जाना था वह राज्य सरकार के आदेशों के तहत किया जाना था और ऐसे में डॉक्टर अटल ने उन्हें निरीक्षण करने से भी रोका और बदतमीजी की है।

इस घटना को लेकर जब डॉक्टर अटल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि डॉ बामनिया द्वारा जारी किए गए वीडियो में कही गई कुछ बातें सरासर गलत है, डॉ अटल ने बताया कि सोमवार सुबह डॉक्टर बामनिया CHC बंबोरा पर आए थे, आने के बाद उन्होंने इंचार्ज के चेंबर में आते ही फोन पर चिल्लाना शुरू कर दिया और उन्हें चैंबर से बाहर निकाल दिया। जब वह चेंबर में आए थे उस समय वह कुछ मरीजों को देख रहे थे। डॉ. बामनिया के चिल्लाने से घबरा कर मरीज भी उनके साथ इंचार्ज के चेंबर से बाहर आ गए। डॉ अटल का कहना था कि डॉक्टर बामनिया उनसे इसलिए नाराज हो गए क्योंकि उनका मानना था कि उनके वहां पहुंचने पर डॉक्टर अटल द्वारा उन्हें सही से रिस्पांस नहीं दिया गया।

डॉ. अटल ने कहा कि उन्होंने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया चिल्लाना शुरू कर दिया और उन्हें कहा कि वह उन्हें और उनकी बीवी डॉक्टर निधि को सीधा कर देंगे और नौकरी करना भी सिखा देंगे। डॉक्टर बामनिया द्वारा दी गई इन धमकियों और उनके व्यवहार से घबराकर डॉक्टर अटल ने अपने मोबाइल फोन से घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया।

डॉ अटल ने कहा कि दरअसल जो घटना हुई है उसका कुछ ही हिस्सा उन्होंने मोबाइल में रिकॉर्ड किया था हालांकि इससे पहले भी डॉ बामनिया उन पर जमकर बरसे थे। उनका कहना था कि डॉ.बामनिया द्वारा CHC पर गंदगी कूड़ा करकट और अनियमाताओं की जो बात डॉ. अटल पर लगाया जा रहा है वह भी गलत है क्योंकि वह CHC के इंचार्ज नहीं है। CHC बंबोरा के इंचार्ज डॉ.हर्षित है जो घटना के समय फील्ड पर गए हुए थे, उन्होंने इंचार्ज के बिहाफ (Behalf) पर बात करते हुए कहा कि अनियमिताएं और साफ-सफाई की बात जो कहीं जा रही है उसके लिए पैसा खर्च करना पड़ता है लेकिन CMHO द्वारा पिछले लंबे समय से CHC को मेंटेन करने के लिए कोई भी बजट या राशि नहीं दी गई है ऐसे में कई बार पूर्व में भी इंचार्ज द्वारा खुद ही अपने निजी पैसे से मेंटेनेंस का कार्य कराया गया है।

डॉ.अटल का कहना है कि अब इस घटना को लेकर वह अपने आला अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और उन्हें ज्ञापन सौंप कर इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर ही आगे की कार्रवाई करने की मांग करेंगे।
 

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