डॉ अफरोज अहमद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में विशेषज्ञ सदस्य मनोनीत

उदयपुर की झीलों तथा विशेष कर मेनार वेटलैंड के संरक्षण में रुचि रखने वाले राष्ट्रीय वेटलैंड समिति तथा नर्मदा अथॉरिटी के पूर्व सदस्य है डॉ अफरोज अहमद

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Dr Afroz Ahmed

उदयपुर 18 जनवरी 2022। उदयपुर की झीलों तथा विशेष कर मेनार वेटलैंड के संरक्षण में रुचि रखने वाले राष्ट्रीय वेटलैंड समिति तथा नर्मदा अथॉरिटी के पूर्व सदस्य डॉ अफरोज अहमद को भारत के मुख्य न्यायाधीश की अनुशंसा पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की नियुक्ति कमिटी द्वारा पर्यावरण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पर्यावरणीय न्यायाधिकरण-एनजीटी (राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण) की प्रधान पीठ (मुख्यालय, दिल्ली) में विशेषज्ञ सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है।

पिछले वर्षों में लगातार उदयपुर की झीलों के संरक्षण के लिए उदयपुर के प्रशासनिक अधिकारियों तथा पर्यावरणविदों से संवाद स्थापित कर इन्हें कानूनी तौर पर बचाने के लिए प्रेरित करते रहे है। हाल ही में उन्होंने मेनार के तालाबों को देख कर उनके प्रदूषण पर अफसोस जताते हुए उन्हें महत्वपूर्ण वेटलैंड के रूप में वेटलैंड रूल्स 2017 के तहत संरक्षित करने का प्रस्ताव भिजवाने का सुझाव दिया था। 

डॉ अफरोज अहमद के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में सदस्य मनोनीत होने पर उदयपुर के पर्यावरण प्रेमियों, डॉ कमलेश शर्मा, डॉ मेहरा, तेज शंकर पालीवाल, डॉ. सत्य प्रकाश मेहरा, प्रीति मुर्डिया ने खुशी जाहिर की है। 

वेटलैंड टास्क फोर्स के पूर्व सदस्य महेश शर्मा ने कहा कि हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि आपके निर्णयों में आर्थिक विकास की गतिविधियों को पारिस्थितिकी तंत्र की लागत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा साथ ही पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी संरक्षण के नाम पर मानवीय तथा आर्थिक विकास को भी बाधित नहीं किया जाएगा।

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