उदयपुर के डॉ इकबाल सक्का ने जन्माष्टमी पर बनाई लड्डू गोपाल की अद्भुत कलाकृति
Udaipur Times, Udaipur News, Janmashtami : उदयपुर के अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण शिल्पी एवं 211 विश्व रिकॉर्ड धारक डॉ. इक़बाल सक्का ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर एक अद्वितीय कलाकृति का सृजन किया है। इस प्रकार की शिल्प कला विश्व में पहले कभी नहीं बनाई गई।
डॉ. सक्का ने विश्व की प्रथम चांदी और तांबे से बनी सूक्ष्म कलाकृति में भगवान कृष्ण के पिता वासुदेव को यमुना नदी पार करते हुए दर्शाया है। इसके लिए उन्होंने एक पात्र को कलात्मक रूप से नदी का आकार देकर उसमें पानी भरकर यमुना का स्वरूप दिया।
यमुना नदी के बीच तांबे से निर्मित पंचमुखी नाग देवता के छत्र के नीचे वासुदेव को दिखाया गया है। वासुदेव के सिर पर चांदी की, चने की दाल के बराबर, मखमल से सजी हुई टोकरी है। उस टोकरी में मूंग के दाने के बराबर लड्डू गोपाल निद्रा मुद्रा में विराजमान हैं। संपूर्ण दृश्य नदी पार करने की आस्था और भक्ति को साक्षात महसूस कराता है।
डॉक्टर सक्का के विश्व के सबसे छोटे कालिया नाग-1 सेमी, वासुदेव-1 सेमी, लड्डू गोपाल-1 मिमी, टोकरी-2 मिमी निर्मित की है।
डॉ. सक्का को इस कलाकृति को पूर्ण करने में 56 घंटे का समय लगा। लेंस से देखने पर लड्डू गोपाल स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर डॉ. सक्का इस विश्व की सबसे छोटी तांबे-चांदी की कलाकृति को अपने संग्रहालय में दर्शन हेतु प्रदर्शित करेंगे।
इसके साथ ही वे उदयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों दूध तलाई, मोती मगरी, सहेलियों की बाड़ी, फतेह सागर आदि पर जाकर आम जनता और देश-विदेश के पर्यटकों को भी दर्शन कराए। इतनी सुंदर कलाकृति को देखकर पर्यटक आश्चर्यचकित रह गए डॉक्टर सक्का द्वारा कौमी एकता और भाईचारे का संदेश देने के लिए डॉ. सक्का को बधाइयां देने लगे।