Dungarpur: दिलीप अहारी की मौत के बाद आदिवासी समाज धरने पर

मुआवजे और नौकरी की मांग
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Dungarpur

डूंगरपुर 1 अक्टूबर 2025 । ज़िले में चोरी के आरोपी दिलीप अहारी की मौत के बाद उनका परिवार और आदिवासी समाज कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठा हुआ है। बुधवार को तीसरे दौर की वार्ता में बीएपी के आसपुर विधायक उमेश मीणा, अनुतोष रोत, कांति भाई समेत 10 आदिवासी सदस्यों ने प्रशासन से मुलाकात की।

वार्ता में एडीएम दिनेशचंद्र धाकड़ और एएसपी अशोक कुमार मौजूद रहे। प्रशासन ने 25 लाख रुपये की सहायता राशि देने की सहमति दी है, लेकिन आदिवासी समाज और जनप्रतिनिधि 1 करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े हुए हैं।

आसपुर विधायक उमेश मीणा ने कहा कि कई दौर की वार्ता के बावजूद प्रशासन पीड़ित परिवार की मांगों पर कोई ठोस सहमति नहीं दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया जाएगा और धरना जारी रहेगा।

पृष्ठभूमि:

  • 25 सितंबर को डूंगरपुर जिले की दोवड़ा थाना पुलिस ने दिलीप अहारी को चोरी के मामले में हिरासत में लिया।
  • पूछताछ के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • 26 सितंबर को उन्हें उदयपुर रेफर किया गया।
  • परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया।
  • इलाज के दौरान 30 सितंबर को दिलीप की मौत हो गई।

आदिवासी समाज ने मांग की है कि आरोपी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जाए, हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए, 1 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

वार्ता में प्रभारी मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद मन्नालाल, सांसद राजकुमार रोत, विधायक अनिल कटारा, कलेक्टर अंकित कुमार और एसपी मनीष कुमार मौजूद रहे।