झाड़ोल में मारपीट के बाद वृद्धा की मौत
उदयपुर ज़िले के झाड़ोल क्षेत्र में आपसी मारपीट के दौरान घायल हुई एक वृद्धा की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाई के आरोप लगाए हैं । जब महिला की मौत हो गई, तो परिजन शव को ऑटो में डालकर उदयपुर एसपी कार्यालय लेकर पहुंचे, जहां से उन्हें वापस भेज दिया गया। शव को बाद में एमबी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। जानकारी के अनुसार मृतका लिम्बिड़ी बाई पत्नी रतनलाल वडेरा निवासी मुण्डावली, झाड़ोल के घर में कुछ लोगों ने घुसकर मारपीट की थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
ग्रामीणों ने बताया की मृतका का पुत्र अम्बालाल घटना के समय वह और उसकी पत्नी सुखेर में मजदूरी करने गए थे। उसी दौरान गांव से सूचना मिली कि वेलाराम डामर, उसके दो पुत्र हेमन्त और रूपलाल, तथा उसका जमाई भंवरलाल अपने 15 साथियों के साथ हथियार लेकर उनके घर पहुंचे और हमला कर दिया।
हमले में लिम्बिड़ी बाई और उसकी 10 वर्षीय पोती लक्ष्मी के साथ मारपीट की गई। इसके बाद परिजनों ने घायल को झाड़ोल अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में फिर हमला हुआ।
जानकारी के अनुसार आरोपियों ने उनके रिश्तेदार दिनेश को पकड़कर बंधक बना लिया और धमकाया कि अम्बालाल को लाओ, तभी उसे छोड़ा जाएगा।
दिनेश की पत्नी द्वारा शिकायत देने के बाद पुलिस ने मारपीट का मामला दर्ज किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बाद में जब लिम्बिड़ी बाई की हालत बिगड़ी, तो उसे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
गुस्साए परिजन शव को लेकर उदयपुर एसपी कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां से भी उन्हें हटा दिया गया। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर इलाज हुआ होता तो उनकी मां की जान बचाई जा सकती थी।
डिप्टी एसपी झाड़ोल नेत्रपाल सिंह ने बताया की मृतका की पुत्री किसी के साथ नाते चली गई थी, इस बात को लेकर पैसे की लेनदेन की बात पर दो पक्षों में कहा सुनी हो गई थी। जिसके बाद वृद्ध महिला बीमार पड़ गई और उसे इलाज के लिए एमबी हॉस्पिटल में भर्ती किया हुआ था, जिसके दौरान आज उसकी मौत हो गई। उसके साथ प्रथम द्रष्टया कोई मारपीट करने की बात सामने नहीं आई है क्योंकी उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं पाए गए। लेकिन पीड़ित परिवार के द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और जाँच शुरू कर दी गई है शव के पोस्टमॉर्टम के लिए झाड़ोल मोर्चरी में रखवाया गया है।
