GITS में अच्छी आदतें और उज्ज्वल भविष्य पर विशेषज्ञ वार्ता काआयोजन

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को न केवल शैक्षणिक विकास के लिए प्रेरित करना था, बल्कि नैतिक मूल्यों और अच्छी आदतों के महत्व पर भी बल देना था।

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GITS

उदयपुर 29 नवंबर 2024। गीतांजलि इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज़, उदयपुर के कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग के तत्वावधान में अच्छी आदतों और उज्ज्वल भविष्य में उनकी भूमिका विषय पर कॉलेज छात्रों के लिए एक विशेषज्ञ वार्ता आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को न केवल शैक्षणिक विकास के लिए प्रेरित करना था, बल्कि नैतिक मूल्यों और अच्छी आदतों के महत्व पर भी बल देना था।

कैम्पस निदेशक डॉ. एन. एस. राठौड़ ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, ईमानदारी से किया गया कार्य हमेशा सफलता की ओर ले जाता है। कड़ी मेहनत करें, अपेक्षाएं कम रखें और अपने कार्य को गुणवत्ता और दक्षता के साथ पूरा करें। उन्होंने यह भी बताया कि जीवन और आदतों में समन्वय उस वातावरण से विकसित होता है, जिसमें हम रहते हैं। इसलिए, अच्छी आदतों को अपनाना और उन्हें जीवन का हिस्सा बनाना बहुत आवश्यक है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स (उदयपुर चैप्टर) के सी. पी. जैन को आमंत्रित किया गया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "हमेशा याद रखें कि राष्ट्र सर्वोपरि है। अपने मूल्यों और देश का सम्मान करें। मानवीय मूल्यों को अपनाएं और ईर्ष्या से बचें। धन और गरीबी व्यक्ति के कर्मों का परिणाम हैं, इसलिए हमेशा अच्छे कार्य करने का प्रयास करें। उन्होंने बताया कि सफलता प्राप्त करने के लिए अच्छी आदतें और अनुशासन महत्वपूर्ण हैं।

कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. मयंक पटेल के अनुसार, छात्रों ने वित्तीय धोखाधड़ी के कारण और उससे सुरक्षा वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली,सॉफ़्टवेयर के माध्यम से कैंसर का पता लगानाऔर दिल की विफलता के लिए एल्गोरिद्म जैसे तकनीकी और सामाजिक विषयों पर पोस्टर प्रतियोगिता में सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्रों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को शैक्षणिक और प्रेरणादायक बनाया। 

विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि जीवन में सफलता केवल ज्ञान और कौशल से ही नहीं, बल्कि अच्छे व्यवहार, अनुशासन और नैतिकता से भी प्राप्त होती है। वित्तीय नियंत्रक बी. एल. जागिड़ ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और साथ ही नैतिक मूल्यों और अच्छी आदतों के महत्व को समझाना था, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

कार्यक्रम का समापन छात्रों और विशेषज्ञों के बीच एक इंटरएक्टिव सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने अपने विचार साझा किए और कार्यक्रम से सीखे गए मुख्य सबक पर चर्चा की।

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