उदयपुर में पैर पसार रहा है आई फ्लू

इंफेक्शन होने पर बार-बार आंखों पर हाथ नहीं लगाया जाए, बार-बार आंखों को ठंडे पानी से धोया जाए

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eye flu

उदयपुर। मॉनसून के आते ही आई फ्लू पूरे देश में पैर पसारने लगा है। जहां महाराष्ट्र में देश के सबसे ज्यादा आई फ्लू के केस सामने आ रहे हैं तो वही उदयपुर में भी स्थिति आई फ्लू को लेकर गंभीर देखी जा रही है। 

उदयपुर के डॉक्टर अशोक बैरवा ने बताया कि हर 2 या 3 साल में आई फ्लू आता है जो एक के तरीके का वायरल इंफेक्शन है। एडिनो वाइरस उसकी एहम वजह हैँ। यह वायरस बड़ी ही तेजी से फैलता है और इसके लक्षण है आंख में लाल बनाना आंख में सूजन होना और आंखों का आपस में चिपकना और इरिटेशन होना है। 

डॉक्टर बैरवा ने कहा कि इसे फैलने से रोकना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए इंफेक्शन होने पर बार-बार आंखों पर हाथ नहीं लगाया जाए, बार-बार आंखों को ठंडे पानी से धोया जाए, हाथों को भी ठंडे पानी से धोया जाए, घर में रहते समय भी चीजों को ना छुए और चीजों टेबल कुर्सी आदि सामान को छूने से और ज्यादा इंफेक्शन फैलने के चांसेस होते हैं। 

डॉक्टर बैरवा ने कहा की इस इंफेक्शन का उम्र से कोई लेना देना नहीं है यह एक नवजात बच्चे से लेकर बूढ़े व्यक्ति तक सभी को एक समान हो सकता है इसका संबंध सीधा व्यक्ति का घर से बाहर आने जाने और इन्फेक्टेड लोगों के संपर्क मैं आने से संबंध है। ऐसे वक्त में अगर मुमकिन हो तो व्यक्तियों को ज्यादा से ज्यादा समय अपने घर में ही व्यतीत करना चाहिए और अन्य लोगों और समाज के बीच कम आना जाना चाहिए ताकि वह अन्य लोगों के संपर्क में ना आए। 

साथ ही डॉक्टर बेरवा ने पर्सनल हाइजीन मेंटेन करने की सलाह देते हुए कहा कि मौसम बदलने के साथ ही आउटडोर में आने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ चुकी है। जहां अमूमन रोज के 100 मरीज आउटडोर में आते हैं वहीं अब यह संख्या बढ़कर चार सौ के करीब पहुंच गई है जिसमें से सौ मरीज आई फ्लू के शामिल है।
 

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