गुरू और शिष्य के बीच के पाक रिश्तों से जुड़ा गुरू पूर्णिमा का पर्व

गुरू पूर्णिमा का पर्व बुधवार को उदयपुर में मनाया

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guru purnima

उदयपुर में विभिन्न मंदिरों, मठ,अखाड़ो में बडे ही धूमधाम से इस पर्व को मनाया गया। इस अवसर पर शहर के सभी आश्रमों पर सजावट की गई तो। सभी स्थानो पर शिष्यों की खासी भीड़ देखने को मिली। शिष्य अल सुबह से ही अपने गुरुजनो का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंच गए।

इसी कड़ी में शहर के अस्थल मंदिर,फतह बालाजी,खास ओहदी सहित कई  मंदिर और आश्रमो में भक्त गुरुजनों का आर्शीवाद लेने पहुँचे। इस मौके पर गुरुजनों ने अपने शिष्यों को आर्शीवाद देते हुए उनको जीवन मे आगे बढ़ने का मंत्र भी दिया और आने वाले जीवन के लिए शुभ कामनाये भी दी। इस अवसर पर अस्थल मंदिर के महंत रास बिहारी शरण ने बताया कि जीवन में बिना गुरु के ज्ञान,कर्म और मार्ग नहीं मिलता है। यही नहीं गुरु-शिष्य की यह परमपरा प्राचीन समय से चली आ रही हे जो अब तक कायम है। 

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