गांधी-विचार से रचनात्मक अभिव्यक्ति तक
विद्यार्थियों ने अनुपयोगी सामग्री का रचनात्मक पुनः उपयोग करते हुए विभिन्न उपयोगी एवं कलात्मक वस्तुओं का निर्माण किया
Udaipur Times News, Gandhi Jayanti Celebration, उदयपुर 1 अक्टूबर 2026 - विद्या भवन गांधी शिक्षा अध्ययन संस्थान, रामगिरि, बड़गाँव उदयपुर में गांधी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित चार दिवसीय( दिनांक 29 सितंबर 2026 से 3 अक्टूबर 2026 तक) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम तीन दिवस विभिन्न शैक्षिक, रचनात्मक एवं साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से गांधी-विचार को विद्यार्थियों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किए गए।
29 सितंबर को प्रथम दिवस “ *अनुपयोगी से उपयोगी” कलात्मक सामग्री निर्माण गतिविधि* आयोजित की गई।
विद्यार्थियों ने अनुपयोगी सामग्री का रचनात्मक पुनः उपयोग करते हुए विभिन्न उपयोगी एवं कलात्मक वस्तुओं का निर्माण किया। गतिविधि के माध्यम से श्रम की गरिमा, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, पुनर्चक्रण एवं पर्यावरणीय चेतना जैसे गांधीवादी मूल्यों को व्यवहारिक रूप प्रदान किया गया।
गतिविधि आयोजन के द्वितीय दिवस 30 सितंबर को “ *गांधी-विचार आधारित पोस्टर निर्माण”* गतिविधि आयोजित की गई।
विद्यार्थियों ने गांधी जी के शैक्षिक चिंतन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता एवं अहिंसा जैसे विषयों को केंद्र में रखते हुए पोस्टर तैयार किए।
पोस्टर के माध्यम से विद्यार्थियों ने गांधी-विचारों को वर्तमान सामाजिक एवं शैक्षिक संदर्भों से जोड़ते हुए अपनी रचनात्मक एवं वैचारिक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। गतिविधि ने विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता, सृजनात्मक सोच तथा समकालीन समस्याओं के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया।
तृतीय दिवस 1 अक्टूबर 2026 को *गांधी साहित्य के अध्ययन एवं सारांश लेखन* की अकादमिक गतिविधि आयोजित की गई।
विद्यार्थियों ने गांधी-विचार से संबंधित चयनित पुस्तकों का अध्ययन कर उनके प्रमुख विचारों को अपने शब्दों में सारांश के रूप में प्रस्तुत किया।
अध्ययन के लिए ‘हिंद स्वराज’, ‘अहिंसा की परंपरा और गांधी जी की देन’, ‘खादी द्वारा ग्राम विकास’, ‘ग्रामोदय खादी संघ’, ‘नई तालीम’, ‘सर्वोदय की बुनियाद : शांति स्थापना’, ‘सर्वोदय की महिमा’ तथा ‘अहिंसक क्रांति : सिद्धांत और व्यवहार’ जैसी कृतियों का चयन किया गया।
साहित्य-अध्ययन एवं सारांश लेखन के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वराज, अहिंसा, ग्राम स्वावलंबन, खादी, नई तालीम, सर्वोदय, शांति एवं अहिंसक सामाजिक परिवर्तन जैसे गांधीवादी विचारों को समझने का प्रयास किया। Gandhi Jayanti Celebration
इस गतिविधि ने वर्तमान डिजिटल युग में विद्यार्थियों में पठन-अभिरुचि, विश्लेषणात्मक चिंतन, सारग्रहण एवं अभिव्यक्ति-कौशल को विकसित करने का अवसर प्रदान किया। गतिविधि आयोजन के चतुर्थ दिवस को चार दिवसीय गांधी जयंती कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा।
मुख्य वार्ताकार डॉ. राजू सिंह, सहायक आचार्य समाजशास्त्र विभाग मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय द्वारा “ *डिजिटल युग में गांधी : सत्य, अहिंसा तथा संवाद की नई चुनौतियाँ”* विषय पर विशेष व्याख्यान दिया जाएगा ।
व्याख्यान में डिजिटल एवं सोशल मीडिया के वर्तमान परिदृश्य में गांधी जी के सत्य, अहिंसा, संवाद, नैतिकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व संबंधी विचारों की प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श किया जाएगा। Udaipur News
विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों में सूचना के प्रसार, संवाद की बदलती प्रकृति तथा सत्य एवं अहिंसक अभिव्यक्ति से जुड़ी समकालीन चुनौतियों को गांधी-विचार के संदर्भ में समझने का प्रयास किया जाएगा।
इस प्रकार चार दिवसीय आयोजित गतिविधियों के माध्यम से गांधी-विचार को केवल वैचारिक रूप से जानने के बजाय उसे रचनात्मक कार्य, दृश्य अभिव्यक्ति एवं साहित्य-अध्ययन के माध्यम से अनुभव करने पर विशेष बल दिया गया।
आयोजन का उद्देश्य भावी शिक्षकों में गांधीवादी मूल्यों के प्रति समझ विकसित करते हुए उन्हें शिक्षा, पर्यावरण, सामाजिक जागरूकता, ग्राम विकास एवं शांति जैसे समकालीन विषयों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम की प्रेरणा स्रोत महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. भगवती अहीर रही । Gandhi Jayanti Vidhya Bhawan
कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रियंका जैन सहायक आचार्य तथा सहसंयोजक श्रीमती शारदा पानेरी पुस्तकालय अध्यक्ष ने बताया कि महाविद्यालय प्रशासन एवं संकाय सदस्यों के सहयोग से आयोजित इन गतिविधियों में बी.एड एवं डीएलएड विद्यार्थी-शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही ।