कृषि विश्वविद्यालयों के 116 पेंशनर्स की ग्रेच्युटी दो साल से लंबित, पेंशनर्स में आक्रोश

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Udaipur Times, Rajasthan News: महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर पेंशनर्स वेलफेयर सोसायटी की साधारण सभा मासिंक बैठक में पेंशनरों की ज्वलंत समस्याओ पर चर्चा के उपरांत, राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स महासंघ प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी का जोशोखरोश के साथ फुलमालाओं व उपरणा पहना कर अभिनंदन किया गया। Rajasthan News

प्रसार शिक्षा निदेशालय सभागार में डाक्टर एसके भटनागर की अध्यक्षता में आयोजित सोसायटी मासिक साधारण सभा बैठक में विश्वविद्यालय के सेवानिवृत पेंशनर्स शिक्षकों व कर्मचारियों की अनेक वर्षों पुरानी पेंशन संबंधी विविध समस्याओं का समाधान करने व राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में चल रहे कोर्ट केस की प्रगति के बारे में तथा इस माह की पेशन भुगतान की प्रगति के बारे में डाक्टर एसके भटनागर ने सभी पेशनरो को अवगत कराते हुए बताया कि 116 पेशनरों की ग्रेच्युटी का भुगतान जुलाई 2023 से विश्वविद्यालय ने नही किया है और राजस्थान लेखा नियमों के अनुसार सेवानिवृति के दो माह के भीतर ग्रेच्युटी भुगतान ना किये जाने पर, नियोक्ता को ब्याज सहित, पेशनर को भुगतान करना पडता है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के पास 105 करोड से ज्यादा राशि की फिक्स्ड डिपाजिट विभिन्न बेैंको में जमा है इसके बावजुद ग्रेच्युटी भुगतान ना किये जाने के कारण पेंशनरों में भारी आक्रोश है। Rajasthan News

पूर्व कुलपति विशेषाधिकारी डाक्टर सुभाष भार्गव ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पेशनरो की पेंशन के समय पर भुगतान ना करने तथा ग्रेच्युटी भुगतान लंबे समय से ना किये जाने पर भारी क्षोभ व्यक्त किया। पुर्व निदेशक अनुसंधान डाक्टर जीएस आमेटा ने कहा कि वे ग्रेच्युटी भुगतान सहित पेंशनरो की विविध समस्याओं के समाधान तथा प्रति माह समय पर पेंशन भुगतान करवाने के लिये, कुलगुरू के समक्ष विश्वविद्यालय से सेवानिवृत बीस वरिष्ठतम कुलपतियों, अधिष्ठाताओं व प्रोफेसर्स को लेकर जायेगे और समाधान करवा कर ही लौटेंगे। Rajasthan News

बैठक को संबोधित करते हुए महासंघ प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि राजस्थान के पांचों सरकारी कृषि विश्वविद्यालयों में लगभग 28 वर्षों पहले राजस्थान सरकार ने पेंशन योजना लागु की है और पिछले 28 वर्षों से राजस्थान सरकार ही, कभी अनुदान के रूप में, कभी ऋण के रूप में या कभी न्यायालय के आदेश से या कभी जमीन बेच कर पांचो सरकारी कृषि विश्वविद्यालयों में पेंशन भुगतान की व्यवस्था निरंतर करती आरही है। वर्तमान में पांचो सरकारी कृषि विश्वविद्यालयों में पेंशन भुगतान के लिये प्रति वर्ष लगभग 270 करोड रूपयों की राशि की आवश्यकता है, यह राशि राजस्थान सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों को पेंशन भुगतान के रूप मे प्रति वर्ष 33,882 करोड की राशि के समक्ष नगण्य, लगभग 0.83 प्रतिशत है। पडोसी राज्यो गुजरात में राज्य के वार्षिक बजट में वहां के सभी सरकारी कृषि विश्वविद्यालयों के सेवारत कर्मचारियों एव पेंशनरों के लिये स्पष्ट प्रावधान किया हुआ है तथा उत्तर प्रदेश में सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के साथ साथ प्राइवेट कालेजों से सेवानिवृत पेंशनरो को भी राजकोष से नियमित पेंशन भुगतान किया जा रहा है। पडोसी राज्यों मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब में सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत पेंशनरो को भी राजकोष से नियमित पेंशन भुगतान किया जा रहा है तो सिर्फ राजस्थान के सरकारी कृषि विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत पेंशनरो के साथ भेदभाव क्यों है।Rajasthan News

महासंघ प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि महासंघ बहुत जल्द राजस्थान सरकार के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क स्थापित करेगा और महासंघ का प्रतिनिधिमंडल राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री एवं वित मंत्री दियाकुमारी, कृषि मंत्री डाक्टर किरोडी लाल मीणा तथा राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्रीनिवास से पांचो कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स की समस्याओ के स्थाई समाधान और प्रति माह पेंशन के नियमित भुगतान हेतु ठोस तथ्यो सहित मुलाकात करेगा और महासंघ को विश्वास है कि राज्य सरकार सभी न्यायोचित मांगो पर सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स को राहत प्रदान करने के लिये ठोस कदम उठायेगी। Rajasthan News

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साधारण सभा मासिक बैठक में राजस्थान के पांचो कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनरों के हितार्थ गठित ’राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स महासंघ’ के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह सोलंकी का महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर पेंशनर्स वेलफेयर सोसायटी के सभी प्रमुख पदाधिकारीयों तथा उपस्थित पेंशनरों द्वारा फुलमाला तथा उपरणा पहना कर स्वागत किया गया।
 

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