राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश की पालना में फोटो, वीडियो और मीडिया ट्रायल पर सख्त रोक
अनुच्छेद 21 के तहत मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश, सभी पुलिस अधिकारियों को सख्त पालन के आदेश
उदयपुर , 23 जनवरी 2026 । राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने गिरफ्तारशुदा अभियुक्तों की निजता और मानवीय गरिमा के संरक्षण को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। यह दिशा-निर्देश माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर द्वारा 20 जनवरी 2026 को पारित निर्णय की पालना में जारी किए गए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, अपराध शाखा डॉ. हवा सिंह घुमरिया द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा, सम्मान और निजता के साथ जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है।
अभियुक्त केवल आरोपित होता है, दोषी नहीं, इसलिए गिरफ्तारी के बाद भी उसकी मानवीय गरिमा और निजता समाप्त नहीं होती। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक गिरफ्तारशुदा अभियुक्त के साथ मानवीय, सभ्य और विधिसम्मत व्यवहार किया जाएगा। किसी भी अभियुक्त को सार्वजनिक रूप से अपमानित, प्रदर्शित या अपराधी की तरह पेश नहीं किया जाएगा।
फोटो, वीडियो और सोशल मीडिया को लेकर जारी निर्देशों के अनुसार गिरफ्तारी के समय या उसके बाद अभियुक्त का फोटो या वीडियो सोशल मीडिया, पुलिस के आधिकारिक या अनौपचारिक प्लेटफॉर्म तथा मीडिया या प्रेस में अपलोड या साझा नहीं किया जाएगा। मीडिया और सार्वजनिक प्रस्तुतीकरण के संबंध में कहा गया है कि किसी भी अभियुक्त को मीडिया के सामने अपमानजनक हालात में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा। पुलिस ब्रीफिंग के दौरान अभियुक्त के संबंध में शब्दों का प्रयोग सावधानीपूर्वक और गरिमा के साथ किया जाएगा तथा मीडिया ट्रायल को प्रोत्साहित करने वाला कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा।
हिरासत और थाने में व्यवहार को लेकर निर्देश दिए गए हैं कि अभियुक्त को बैठाने, ले जाने या रखने की व्यवस्था सभ्य और सुरक्षित होगी। महिलाओं, वृद्धों, युवतियों और कमजोर वर्गों के साथ विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं। राजस्थान पुलिस के समस्त पुलिस आयुक्तों, महानिरीक्षकों, पुलिस उपायुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को इन दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।