Udaipur Times, Udaipur Politics: उदयपुर मे पंचायतीराज चुनाव के बीच गोगुंदा में कांग्रेस ने कथित प्रशासनिक दबाव और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गोगुंदा ‘ए’ के अध्यक्ष रामसिंह चदाणा और प्रवक्ता लालकृष्ण सोनी की ओर से 23 अक्टूबर को सौंपे गए शिकायत पत्र में कुछ पुलिसकर्मियों और राजस्व विभाग से जुड़े व्यक्ति पर मतदाताओं को कथित रूप से डराने-धमकाने और चुनाव को प्रभावित करने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठी शिकायतों, पुलिस कार्रवाई की धमकियों और नोटिस के माध्यम से राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहने का दबाव बनाया जा रहा है।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने सायरा थाने में पदस्थ कांस्टेबल धर्मेंद्र पर सत्ता पक्ष के समर्थन में प्रचार करने और स्थानीय लोगों को जेल भेजने तथा झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत में ओगणा तहसील में पटवारी पद पर कार्यरत नाहर सिंह की पत्नी वसिया बाई का भी उल्लेख किया गया है। कांग्रेस पदाधिकारियों का आरोप है कि मतदाताओं पर वसिया बाई के समर्थन में मतदान करने का दबाव बनाया जा रहा है और प्रशासनिक पद का प्रभाव इस्तेमाल कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
शिकायत के अनुसार, 20 अक्टूबर को जिला परिषद उदयपुर के वार्ड संख्या 2 में चुनाव प्रचार के दौरान कमलेश कुमार शर्मा ने सार्वजनिक सभा में कांग्रेस प्रत्याशी लालसिंह झाला के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। आरोप है कि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किया गया, जिससे प्रत्याशी को राजनीतिक और व्यक्तिगत नुकसान हुआ।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के एक अधिवक्ता कार्यकर्ता को नोटिस देकर राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ निर्वाचन कानूनों और सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही, कमलेश कुमार शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने नहीं आया है।