राजस्थान मे देश की पहली सिरेमिक स्टोरेज आधारित केन्द्रीय सौर ऊर्जा परियोजना

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Udaipur Times, Rajasthan News: राजस्थान का भड़ला सोलर पार्क दुनिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा केंद्रों में से एक है। अब यह दे राष्ट्र की स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का गवाह बनने के लिए तैयार है। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL) ने एनटीपीसी को भड़ला में 320 किलोवाट की पायलट केंद्रित सौर ऊर्जा (CSP) परियोजना स्थापित करने की मंजूरी दे दी है।

यह अपनी तरह की देश की पहली परियोजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक बैटरी स्टोरेज पर निर्भरता कम करते हुए रात के समय भी निरंतर सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता का परीक्षण करना है। इस पायलट परियोजना से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा का उपयोग पूरी तरह से एनटीपीसी संयंत्र की आंतरिक और सहायक खपत के लिए किया जाएगा।

इस तकनीक में दिन के समय कैप्चर की गई सौर ऊर्जा को उच्च तापमान वाले विशेष सिरेमिक मॉड्यूल में ऊष्मा के रूप में स्टोर किया जाएगा। सूर्यास्त के बाद, इस स्टोरेज हीट का उपयोग एयर टरबाइन को चलाने और बिजली उत्पन्न करने के लिए किया जाएगा, जिससे भारी और महंगी रासायनिक बैटरियों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी।

यह परियोजना अमेरिका स्थित कंपनी '247Solar' द्वारा विकसित नवीन सिरेमिक थर्मल एनर्जी स्टोरेज तकनीक का उपयोग करेगी। इस सहयोग के तहत, NTPC इस तकनीक को भड़ला में लागू करने और परीक्षण करने के लिए राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL) के साथ मिलकर काम कर रही है। RRECL द्वारा दी गई मंजूरी से भड़ला में प्रारंभिक व्यवहार्यता अध्ययन, साइट सर्वेक्षण और संरचनात्मक परीक्षण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

सौर ऊर्जा क्षेत्र में रात के समय बिजली का उत्पादन करना ऐतिहासिक रूप से सबसे बड़ी चुनौती रहा है। यदि भड़ला में यह पायलट परीक्षण सफल हो जाता है, तो भविष्य में देश भर में बड़े पैमाने पर इस सिरेमिक स्टोरेज-आधारित तकनीक को अपनाया जा सकता है। यह परियोजना न केवल राजस्थान को अत्याधुनिक अक्षय ऊर्जा तकनीकों के केंद्र के रूप में स्थापित करेगी, बल्कि भारत के नेट-जीरो और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को भी नई गति प्रदान करेगी।

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