लोक कलाकारों और शिल्पकारों की जानकारी होगी संकलित

मेवाड़ी विभिन्न लोककलाओं और हस्तशिल्प से जुड़े कलाकारों, कारीगरों, संस्थाओं तथा पारंपरिक कला समूहों का सर्वेक्षण किया जाएगा।

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उनकी विशेषज्ञता, कार्यशैली, प्रशिक्षण की आवश्यकताओं और रोजगार की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा

 

Udaipur Times News , Udaipur Folk Artist Motivation , उदयपुर 10 अक्टूबर 2026 - शहर  में आने वाले पर्यटकों को यहां की लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं से जोड़ने के लिए संभावित गतिविधियों और प्रचार-प्रसार के उपायों का अध्ययन किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि पर्यटक ऐतिहासिक महलों, झीलों और स्मारकों के साथ मेवाड़ की जीवंत लोक परंपराओं, हस्तशिल्प और खानपान का भी अनुभव कर सकें। पांच वर्षीय कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित परामर्शदाता अथवा सलाहकार संस्था उदयपुर की सांस्कृतिक एवं रचनात्मक क्षमताओं का अध्ययन कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करेगी। इसके अंतर्गत सांस्कृतिक संसाधनों का मानचित्रण, विशेषज्ञों से परामर्श, आवश्यक प्रमाणों का संकलन और आगामी पांच वर्षों के लिए कार्ययोजना तैयार करने का प्रावधान है।

यूनेस्को में नामांकन के लिए तैयार होंगे आवश्यक दस्तावेज। Folk Artist Udaipur 

नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि उदयपुर की सांस्कृतिक विशेषताओं, पारंपरिक कलाओं, हस्तशिल्प, कलाकारों और रचनात्मक गतिविधियों से संबंधित विवरण, चित्र, मानचित्र एवं अन्य प्रमाण संकलित किए जाएंगे। इनके आधार पर यूनेस्को के निर्धारित मानकों के अनुरूप नामांकन प्रस्ताव तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।

इस कार्य हेतु निगम अधीक्षण अभियंता मनीष अरोड़ा को विशेष रूप से नियुक्त किया गया है। जल्द कार्यवाही शुरू करने के महापौर पारस सिंघवी ने दिए निर्देश। Udaipur News 

निगम महापौर पारस सिंघवी ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मेवाड़ की सांस्कृतिक धरोहरों को केवल सूचीबद्ध करने तक सीमित नहीं रखा जाए , बल्कि उनके संरक्षण, प्रचार-प्रसार और पर्यटन से जुड़ाव के लिए भी प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।

उन्होंने गवरी सहित सभी पारंपरिक कलाओं की विशिष्टता को सामने लाने और स्थानीय कलाकारों एवं शिल्पकारों को नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल से उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच मिलने, स्थानीय कलाकारों को नए अवसर उपलब्ध होने और पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं हैं।

उल्लेखनीय है कि यूनेस्को के सृजनात्मक शहरों की लिस्ट में शामिल होने के लिए निर्धारित प्रक्रिया, मूल्यांकन और स्वीकृति आवश्यक है। वर्तमान में नगर निगम द्वारा प्रस्ताव तैयार करने तथा आवश्यक दस्तावेजीकरण की दिशा में कार्यवाही की जा रही है।

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