भीलवाड़ा में अंधविश्वास की भेंट चढ़ा मासूम
भीलवाड़ा 30 अप्रैल 2026। ज़िले में अंधविश्वास के कारण एक मासूम बच्चे की हालत गंभीर हो गई। उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय एक भोपा के पास ले गए, जहां बच्चे की छाती और पेट पर गर्म सरिये से डाम लगा दिया गया। इससे बच्चे की तबीयत सुधरने के बजाय और बिगड़ गई।
इसके बाद परिजन मंगलवार को बच्चे को महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने 24 घंटे बाद भी उसकी हालत नाजुक बताई है। मासूम का इलाज पीडियाट्रिक ICU में जारी है।
मामला ज़िले के रायपुर थाना क्षेत्र का है। अस्पताल के डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि रायपुर तहसील के 3 वर्षीय बच्चे को 28 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। फिलहाल उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे को डायरिया, उल्टी और दस्त की शिकायत थी। जांच के दौरान उसकी छाती और पेट पर डाम के निशान पाए गए। बच्चा आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में है।
डॉ. गौड़ ने कहा कि समाज में शिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण लोग इस तरह के अंधविश्वास में फंस जाते हैं। डाम लगाने जैसी प्रथा से फायदा होने के बजाय नुकसान होता है। इससे बच्चों में संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है और सामान्य बीमारी भी गंभीर रूप ले सकती है।
उन्होंने सामाजिक संस्थाओं से भी आगे आकर जागरूकता अभियान चलाने की अपील की, ताकि इस तरह की कुरीतियों पर रोक लगाई जा सके।
#BhilwaraNews #RajasthanNews #SuperstitionAwareness #ChildHealth #BreakingNewsIndia #HealthAwareness #StopSuperstition #RuralIndia #MedicalEmergency #ICU #PublicHealth #IndiaNews
