UGC रेगुलेशन-2026 के विरोध में 15 हजार किमी जनजागरण यात्रा
Udaipur Times, Udaipur News : UGC रेगुलेशन एक्ट-2026 की कथित विसंगतियों और इसके रोलबैक की मांग को लेकर सवर्ण समाज की ओर से राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत 5 अगस्त से 15 हजार किलोमीटर की जनजागरण वाहन यात्रा शुरू की गई है, जो राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के कई जिलों से होकर गुजरेगी। यात्रा का समापन 23 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली “UGC रोलबैक सवर्ण आक्रोश महापंचायत” में होगा।
आयोजकों के अनुसार यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षाविदों और सामान्य वर्ग के नागरिकों तक UGC रेगुलेशन-2026 से जुड़े मुद्दों और इससे संबंधित जनभावनाओं को पहुंचाना है। यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों में पंचायत, सम्मेलन, जनसंवाद, प्रेस वार्ता और सामाजिक संगठनों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. राज शेखावत, पूर्व BSF एवं संस्थापक-राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यह अभियान केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा में न्याय, समान अवसर और युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों को लेकर जनजागरण का प्रयास है। उन्होंने कहा कि युवाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि पढ़े-लिखे युवा आगे आकर देश के विकास और सुरक्षा में अपनी भूमिका निभा सकें।
उन्होंने कहा कि संगठन युवाओं के साथ-साथ महिलाओं, साधु-संतों और पूर्व सैनिकों को भी प्रतिनिधित्व देने की दिशा में काम कर रहा है। महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की बात भी प्रेस वार्ता में कही गई।
23 अगस्त को दिल्ली में महापंचायत
अभियान के तहत 23 अगस्त 2026 को दोपहर 1:15 बजे नई दिल्ली स्थित शाह ऑडिटोरियम में “UGC रोलबैक सवर्ण आक्रोश महापंचायत” आयोजित की जाएगी। आयोजकों का दावा है कि इसमें देशभर से सवर्ण समाज के प्रतिनिधि, विद्यार्थी, शिक्षाविद और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान समाज के लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने UGC रेगुलेशन-2026 के रोलबैक की मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही।
स्वाभिमान और समानता की लड़ाई बताया
वक्ताओं ने इस अभियान को स्वाभिमान, समानता और कथित अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सामान्य वर्ग से जुड़े जिन मुद्दों को उठाया जा रहा है, उन्हें अब व्यापक स्तर पर जनता के बीच ले जाया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार यह अभियान पूर्णतः लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से चलाया जाएगा। जनसंवाद, जागरूकता अभियान और ज्ञापन के माध्यम से संबंधित प्राधिकरणों तक अपनी मांग पहुंचाई जाएगी।
