कोकापुर, सागवाड़ा की अद्भुत अंगारों पर चलने की परंपरा

धुलंडी स्पेशल
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डूंगरपुर 4 मार्च  2026। ज़िले के सागवाड़ा उपखंड के कोकापुर गांव में होली के दूसरे दिन यानी धुलंडी पर एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है, जो आस्था, साहस और रोमांच का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है।

होलिका दहन के बाद बची राख और सुलगते अंगारों को समतल किया जाता है। विशेष पूजा-अर्चना के पश्चात श्रद्धालु नंगे पांव इन जलते अंगारों पर चलकर अपनी अटूट श्रद्धा का परिचय देते हैं। मान्यता है कि सच्ची आस्था और विश्वास के साथ अंगारों पर चलने से किसी प्रकार की हानि नहीं होती और गांव में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

KOkapur Sagwara

इस अवसर पर पूरा कोकापुर गांव मेले में तब्दील हो जाता है। ढोल-नगाड़ों की गूंज, जयकारों की आवाज़ और श्रद्धालुओं की उमंग से वातावरण भक्तिमय और रोमांचकारी बन जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से गांव के बुजुर्ग और आयोजक पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हैं, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो।

वर्षों से चली आ रही यह अनूठी परंपरा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्था की जीवंत मिसाल है, जिसे देखने और निभाने हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।

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