लखपति दीदी का मूलमंत्र अन्त्योदय - सांसद डॉ रावत
उदयपुर ,11 नवंबर 2025- उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि उदयपुर सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने कहा कि अन्त्योदय का भाव अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का उत्थान है।
लखपति दीदी कार्यक्रम का मूल मंत्र अन्त्योदय ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके माध्यम से महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ आर्थिक उन्नयन को बढ़ावा दिया।
इससे देश भर में लाखों परिवार बीपीएल रेखा से बाहर आने में समर्थ हुए हैं।
कार्यशाला में अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा, ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा, मुख्य वन संरक्षक उदयपुर सुनील छिद्री तथा इंडियन बैंक के एमडी शिवबजरंगसिंह भी बतौर विशिष्ट अतिथि मंचासीन रहे। ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने पीपीटी के माध्यम से लखपति दीदी कार्यक्रम पर विस्तृत जानकारी साझा की।
प्रारंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
राजीविका की राज्य मिशन निदेशक श्रीमती नेहा गिरि ने अतिथियों का स्वागत किया। साथ ही कार्यशाला की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिया डाबी, उप वन संरक्षक मुकेश सैनी, डीसीएफ उत्तर अजय चित्तौड़ा, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार सुधीर वर्मा, राजीविका जिला परियोजना प्रबंधक ख्यालीलाल खटीक आदि भी उपस्थित रहे।
पुस्तिका का विमोचन, पोर्टल लांच
कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री डॉ मीणा सहित अतिथियों ने लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता की कहानियों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। साथ ही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की सुविधा के लिए इंडियन बैंक के साझे में तैयार पोर्टल भी लांच किया।
एमओयू पर हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सुविधा के लिए इंडियन बैंक और राजीविका के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए गए। राजीविका की ओर से राज्य मिशन निदेशक नेहा गिरि तथा बैंक की ओर से एमडी शिवबजरंगसिंह ने हस्ताक्षर किए। केबिनेट मंत्री डॉ मीणा की उपस्थिति में एमओयू हस्तांतरण किया गया।
पहले दिन नवाचार और दिशा पर चर्चा
शुभारंभ समारोह के बाद अलग-अलग सत्र हुए। इसमें “पशुधन क्षेत्र के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रूपांतरण” तथा “प्रोड्यूसर कलेक्टिव से बिजनेस कलेक्टिव तक ग्रामीण उद्यमों का विस्तार थीम पर प्रस्तुतिकरण हुआ।
शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यशाला के दूसरे दिन बुधवार को सहयोग के लिए कार्रवाई - आजीविका इकोसिस्टम को सशक्त बनाना, क्रेडिट से आगे- अभिनव वित्तीय आर्किटेक्चर, शी-लाइफ- महिला नेतृत्व वाले कृषि एवं पशुधन उद्यमिता आदि विषयों पर चर्चा होगी।
