लद्दाख में पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पर लेह में हिंसक प्रदर्शन
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में आज बुधवार को हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारी छात्रों की पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियो छात्रों ने भाजपा ऑफिस में आग लगा दी, पुलिस पर पत्थरबाजी की, CRPF की गाड़ी में आग लगा दी।
प्रदर्शनकारी छात्र सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। मांगें पूरी न करने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने आज बंद बुलाया था। इस दौरान हिंसा हुई। लद्दाख को पूर्ण राज्य दर्जे की मांग हिंसक होने पर युवाओं ने लेह में कुछ वाहनों को आग लगा दी। युवाओं का गुस्सा भाजपा कार्यालय पर भी फूटा, उन्होंने पुलिस वैन में आग लगा दी थी।
आंदोलनकारियों ने मंगलवार की रात को 24 सितंबर को लद्दाख बंद का आह्वान किया था। भीड़ जुटाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। लोगों से लेह हिल काउंसिल पहुंचने की अपील की। इसका असर दिखा और बड़ी तादाद में लोग पहुंचे। पुलिस ने लेह हिल काउंसिल के सामने आंदोलनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा रखे थे। जब आंदोलन कारी आगे बढ़े तो पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, लेकिन भीड़ ने पुलिस की गाड़ी जलाई और तोड़फोड़ की।
हिंसा के बाद वांगचुक ने अनशन तोड़ते हुए कहा "यह लद्दाख के लिए दुख का दिन है। हम पांच साल से शांति के रास्ते पर चल रहे थे। अनशन किया, लेह से दिल्ली तक पैदल चलकर गए। आज हम शांति के पैगाम को असफल होते हुए देख रहे हैं। हिंसा, गोलीबारी और आगजनी हो रही है। मैं लद्दाख की युवा पीढ़ी से अपील करता हूं कि इस बेवकूफी को बंद करें। हम अपना अनशन तोड़ रहे हैं, प्रदर्शन रोक रहे हैं। हम चाहते हैं कि प्रशासन अपना दबाव छोड़ दें। युवा भी हिंसा रोक दें, हमारी यही अपील है। हम लद्दाख और देश में अस्थिरता नहीं आने देना चाहते।"
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर पूर्ण राज्य का दर्जा खत्म कर दिया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना। लेह और कारगिल को मिलाकर लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश बना था।
इसके बाद लेह और कारगिल के लोग खुद को राजनीतिक तौर पर बेदखल महसूस करने लगे। उन्होंने केंद्र के खिलाफ आवाज उठाई। बीते दो साल में लोगों ने कई बार विरोध-प्रदर्शन कर पूर्ण राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा मांगते रहे हैं, जिससे उनकी जमीन, नौकरियां और अलग पहचान बनी रही, जो आर्टिकल 370 के तहत उन्हें मिलता था।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 अगस्त 2024 को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 5 नए जिले बनाने की घोषणा की थी। नए जिलों का नाम जांस्कर, द्रास, शाम, नुब्रा और चांगथांग होगा। नए जिलों की घोषणा से पहले लद्दाख में केवल दो जिले थे, लेह और कारगिल। अब इनकी संख्या बढ़कर 7 हो जाएगी।
कौन है सोनम वांगचुक ?
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक वही शख्सियत है जिनसे प्रेरित होकर हिंदी फिल्म थ्री इडियट्स में फुन्सुक वांगडू (आमिर खान) का किरदार गढ़ा गया था। सोनम वांगचुक पिछले 18 महीने लेह लद्दाख की विभिन्न मांगो को लेकर आंदोलनरत है। वांगचुक ने गांधीवादी तरीके से केंद्र सरकार का ध्यान मांगों की तरफ खींचने के लिए क्रमिक अनशन शुरू किया था।
क्या है सोनम वांगचुक की प्रमुख मांगे
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा ।
6वीं अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा ।
कारगिल और लेह की अलग अलग लोकसभा सीट ।
सरकारी मौकरी में स्थानीय युवाओ को नौकरी ।
कब से आंदोलनरत है सोनम वांगचुक
लगभग 18 महीने से सोनम वांगचुक उपरोक्त मांगो को लेकर आंदोलनरत है।
मार्च 2024 में 21 दिन तक अनशन।
सितंबर 2024 में लेह से दिल्ली तक पदयात्रा ।
अक्टूबर 2024 में 16 दिन तक अनशन ।
अगस्त 2025 में कारगिल में प्रदर्शन ।
सितंबर 2025 में पिछले 35 दिनों से अनशन पर लेकिन प्रदर्शनकारियो की हिंसा के बाद अनशन तोड़ दिया।
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