उदयपुर के उमरड़ा खेड़ा गांव में लेपर्ड ने 5 लोगों पर हमला किया, एक की मौत

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Leopard Attack In Udaipur

 

Udaipur Times, Leopard Terror, Human-Wildlife Conflict: उदयपुर शहर से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित उमरड़ा खेड़ा गांव में लेपर्ड के लगातार हमलों से दहशत का माहौल है। पिछले करीब 18 घंटों में लेपर्ड ने पांच लोगों पर हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। बाकी घायलों का महाराणा भूपाल अस्पताल में उपचार जारी है। Leopard Terror

मंगलवार शाम लेपर्ड ने गांव निवासी लोगर लाल मीणा (45) पर हमला कर दिया था। उनकी बहन गुलाबी ने बताया कि लेपर्ड उनके सामने ही लोगर लाल को पकड़कर ले जा रहा था। उन्होंने शोर मचाया और उसकी ओर दौड़ीं, जिसके बाद लेपर्ड लोगर लाल को छोड़कर झाड़ियों में भाग गया। गंभीर रूप से घायल लोगर लाल को महाराणा भूपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार शाम करीब 7 बजे उनकी मौत हो गई। Human-Wildlife Conflict

बुधवार सुबह लेपर्ड ने जग्गा (60), हितेश (20) और कालू (40) पर हमला किया। इसके बाद दोपहर में लेपर्ड ने लोगरी बाई (45) पर भी हमला कर दिया। Leopard Terror

प्रत्यक्षदर्शी मोहनलाल मीणा ने बताया कि गांव में पांच लोग एक साथ पगडंडी से गुजर रहे थे। सबसे आगे चल रहे कालूलाल पर अचानक झाड़ियों से निकलकर लेपर्ड ने हमला कर दिया और उसे पकड़कर ले जाने लगा।

मोहनलाल के अनुसार, हमले के बाद सभी लोग घबरा गए, लेकिन उन्होंने शोर मचाते हुए पत्थर उठाकर लेपर्ड की तरफ फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद लेपर्ड कालूलाल को छोड़कर झाड़ियों की ओर भाग गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वे पत्थर नहीं फेंकते तो लेपर्ड कालूलाल को अपने साथ ले जा सकता था। Leopard Terror

गांव की महिला भूरी ने बताया कि लेपर्ड ने जग्गा के कंधों पर पंजा मारकर उसे पकड़ लिया था। उन्होंने पास जाकर जोर-जोर से शोर मचाया, लेकिन लेपर्ड जग्गा को लेकर आगे बढ़ने लगा। बाद में अन्य लोगों के पहुंचने और लगातार शोर मचाने पर लेपर्ड उसे छोड़कर भाग गया। Human-Wildlife Conflict

प्रशासन की रोक के बावजूद घर जा रही महिला पर हमला

घटना के बाद वन विभाग और गिर्वा तहसील की टीमें बुधवार को मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा की दृष्टि से ग्रामीणों के आने-जाने पर रोक लगाई गई और लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।

इस दौरान दोपहर करीब एक बजे, मना करने के बावजूद लोगरी बाई अपने घर की ओर चली गई। कुछ दूरी पर पहुंचते ही झाड़ियों में छिपे लेपर्ड ने उन पर हमला कर दिया। महिला के शोर मचाने पर वन विभाग और प्रशासन की टीमें मौके की ओर दौड़ीं, जिसके बाद लेपर्ड भाग गया। Leopard Terror

लगातार हमलों के बाद गांव में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में दहशत का माहौल है। वन विभाग की ओर से डीएफओ डीके तिवारी ने ग्रामीणों को अकेले नहीं निकलने, समूह में रहने और साथ में लाठियां रखने की सलाह दी है।

गिर्वा उपखंड अधिकारी अवूला साईं कृष्ण और तहसीलदार गणेश कुमार विजयवर्गीय भी मौके पर पहुंचे। वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त बैठक में सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र को खाली कराने का निर्णय लिया गया।

हमले वाले क्षेत्र के करीब 15 परिवारों के लगभग 50 लोगों को वहां से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने उनके ठहरने की व्यवस्था घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर की है। Leopard Terror

वन विभाग ने लेपर्ड को पकड़ने के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। टीम ड्रोन की मदद से जंगल और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में निगरानी कर रही है। पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की टीमें गांव और आसपास के इलाके में लगातार सर्चिंग कर रही हैं। Human-Wildlife Conflict

फिलहाल गांव में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और लोगों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलें तथा किसी भी स्थिति में अकेले जंगल या झाड़ियों वाले क्षेत्र में न जाएं।

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