लेपर्ड तो मिला नहीं अभी तक पगमार्क ही मिल पाए है

जंगल में अब सीसीटीवी भी लगाया जा रहा है

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cctv

उदयपुर 9 अक्टूबर 2024 । जिले की गोगुंदा तहसील में तेंदुआ अब तब वन विभाग के जाल में नहीं फंसा है। हालांकि टीम को एक लीड मिली है। टीम को लेपर्ड के पगमार्क मिले है। जंगल में अब सीसीटीवी भी लगाया जा रहा है। 

वहीं गोगुंदा से करीब 45 किमी दूर सायरा में भी तेंदुए का मूवमेंट देखा जा रहा हैं । लेपर्ड ने मंगलवार रात सायरा थाना क्षेत्र के पदराड़ा गांव में पूर्व सरपंच हरिसिंह राणावत के घर के परिसर में बंधे दो बछड़ों का शिकार किया।

बुधवार को जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और वन विभाग को सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 10 दिन से पदराड़ा गांव के आस-पास लेपर्ड का मूवमेंट बढ़ा है। इससे पहले लेपर्ड एक गाय का शिकार कर चुका है। वहीं गोगुंदा में लेपर्ड की तलाश के लिए वन विभाग की टीम बड़गांव पंचायत समिति के राठौड़ों का गुड़ा और पड़ोसी गांव गोगुंदा के केलवों का खेड़ा में तैनात है। 
 

leopard search

जयपुर से आई इमरजेंसी रिस्पांस टीम (ईआरटी) के दल आज भी जंगल को खंगाल रहे है। टीम को मंगलवार रात जंगल में तेंदुए के पगपार्क मिले है। पगमार्क के आधार पर पता चला है कि तेंदुआ आगे की तरफ बढ़ता गया है। वन अधिकारियों का मानना है कि पगमार्क से तेंदुए के यहीं पर होने का अंदेशा है।

दल में अतिरिक्त प्रधान मुख्य वनbसंरक्षक (एडिशनल पीसीसीएफ) वाइल्ड लाइफ राजेश गुप्ता, रणथंभौर के फील्ड डायरेक्टर अनूप केआर और केवलादेव नेशनल पार्क के डीएफओ मानस सिंह ने स्थानीय अधिकारियों और ग्रामीणों से भी फीडबैक लिया है।

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