नवजात की आँखों की रोशनी जाने के लिए Magnus Hospital को माना गया दोषी

डॉक्टर्स की जाँच कमेटी की रिपोर्ट में मैग्नस अस्पताल को दोषी पाया गया

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Magnus Hospital

उदयपुर 12 जून 2024। शहर के Magnus Hospital के डॉक्टर मनोज अग्रवाल की लापरवाही से नवजात की आंखों की रोशनी जाने के मामले में डॉक्टर्स की टीम ने कलेक्टर को रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में  Magnus Hospital को दोषी माना गया है। 

उदयपुर जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल ने बताया कि मैग्नस अस्पताल के शिशुरोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज अग्रवाल की लापरवाही से एक प्रिमेच्योर बेबी के आंखों की आर ओ पी जांच नहीं लिखने और नवजात की आंखों की रोशनी जाने का मामला सामने आया था। जिसपर पीड़ित पिता योगेश जोशी के साथ बार एसोसिएशन के साथ विभिन्न संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की थी। 

ऐसे में उन्होंने आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर विपिन माथुर और चिकित्सा अधिकारियों की एक टीम का गठन करते हुए जांच शुरू की थी। जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को प्राप्त हुई है। 

कलेक्टर पोसवाल ने बताया कि डॉक्टर्स की रिपोर्ट में मैग्नस अस्पताल को दोषी पाया गया है। डॉक्टर मनोज अग्रवाल ने नवजात का आर ओ पी टेस्ट नही लिखा था जो जन्म से 15 दिन में होना जरूरी होता है बाद में उन्होंने अपनी गलती छुपाने के लिए कागजो में भी हेर फेर किया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन संवेदनशील है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


 

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