राजस्थान के ब्यावर की ममता ने 20 साल से बंद पड़ी दुग्ध समिति को दिलाया नया जीवन
Udaipur Times, Success Story: राजस्थान के ब्यावर जिले के बैडकलो गांव की महिला दुग्ध समिति करीब 20 वर्षों से बंद पड़ी थी। ममता ने इस स्थिति को बदलने का संकल्प लेते हुए गांव की महिलाओं को एकजुट किया और समिति का पुनः संचालन शुरू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिलाओं ने सर्वसम्मति से उन्हें समिति सचिव की जिम्मेदारी सौंपी।
80 महिलाएं जुड़ीं, प्रतिदिन 400 लीटर दूध का संकलन
ममता के प्रयासों से आज समिति से करीब 80 महिला सदस्य जुड़ी हुई हैं और प्रतिदिन लगभग 400 लीटर दूध का संकलन किया जा रहा है। समिति में ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट (AMCU), बल्क मिल्क कूलर (BMC) और नियमित भुगतान जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनसे दूध की माप एवं गुणवत्ता जांच में पारदर्शिता और भुगतान व्यवस्था में नियमितता सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।
आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ा आत्मविश्वास
समिति के माध्यम से महिलाओं को अपने दुग्ध उत्पादन का व्यवस्थित विपणन करने का अवसर मिल रहा है। वे पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय से जुड़कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं। साथ ही महिलाओं में आत्मविश्वास और सामूहिक सहभागिता की भावना भी बढ़ी है।
एक पहल से बदली गांव की तस्वीर
ममता की पहल ने साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। 20 वर्षों से बंद समिति का पुनर्जीवन, 80 महिलाओं की भागीदारी और प्रतिदिन 400 लीटर दूध का संकलन उनकी मेहनत के उल्लेखनीय परिणाम हैं। ममता की यह पहल ग्रामीण महिला सशक्तीकरण, सहकारिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बन गई है।