विदेश में नौकरी का झांसा, म्यांमार के साइबर स्कैम सेंटर में बंधक बनाने का आरोप
Udaipur Times News , Job Scam , Man Abducted in Thailand उदयपुर 7 अक्टूबर 2026 । विदेश में नौकरी कर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना लेकर निकले बांसड़ा खेरोदा निवासी 32 वर्षीय महेन्द्र सिंह राठौड़ के म्यांमार में साइबर स्कैम नेटवर्क के चंगुल में फंसने का मामला सामने आया है।
महेन्द्र के अनुसार, दुबई में हुई पहचान के जरिए उसे थाईलैंड की एक चॉकलेट कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। मुंबई और चेन्नई होते हुए वह बैंकॉक पहुंचा, लेकिन आरोप है कि वहां से उसे अवैध तरीके से म्यांमार बॉर्डर पर पहुंचा दिया गया।
महेन्द्र का आरोप है कि म्यांमार पहुंचने के बाद उसका पासपोर्ट और मोबाइल छीन लिया गया और उसे जंगल में बने एक सेंटर में रखा गया। यहां बंदूक दिखाकर उसे साइबर स्कैम करने के लिए मजबूर किया गया। काम करने से इनकार करने पर उसके परिवार से पैसे मंगवाने का दबाव बनाया गया।
परिवार ने करीब 12 लाख रुपए देकर उसे वहां से छुड़ाया। Udaipur News
महेन्द्र के अनुसार, 21 सितंबर को उसे माइसोट बस स्टैंड पर छोड़ दिया गया। इसके बाद परिवार ने उसके लिए फ्लाइट का टिकट कराया और वह मुंबई पहुंचा। भारत लौटने के बाद उसने पुलिस और संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया तथा गोपनीय शाखा को भी पूरे मामले की जानकारी दी। Udaipur Man Abducted at Thailand
महेन्द्र ने दावा किया कि बेंगलूरु का कार्तिक सुंदरम, मुंबई के तीन लोग और ब्यावर का एक युवक अभी भी म्यांमार में फंसे हुए हैं। उसके संपर्क में आए पांच-छह परिवारों ने भी अपने परिजनों के म्यांमार में होने की जानकारी दी है।
बैंकॉक से नदी पार कर पहुंचाया म्यांमार
महेन्द्र के अनुसार, 29 अगस्त से उससे संपर्क किया जा रहा था। इसके बाद उसे मुंबई बुलाया गया। 30 अगस्त को उसे चेन्नई भेजा गया, जहां एयरपोर्ट के बाहर राहुल नाम का युवक मिला। आरोप है कि उससे ऑनलाइन माध्यम से पहले 30 हजार और फिर 54 हजार रुपए लिए गए। Job Scam
इसके बाद उसे बैंकॉक भेज दिया गया। महेन्द्र के मुताबिक, बैंकॉक पहुंचने के बाद उसे कार से करीब 200 किलोमीटर दूर गैरकानूनी तरीके से ले जाया गया और रास्ते में करीब 10 से 12 बार गाड़ियां बदली गईं। उसके साथ बेंगलूरु का कार्तिक और लावण्या नाम की एक युवती भी थी।
महेन्द्र का आरोप है कि थाईलैंड बॉर्डर के पास उसे नाव से नदी पार कर म्यांमार पहुंचाया गया। करीब दो दिन बाद उसे माइसोट ले जाया गया और फिर नियाति गांव से लगभग 10 किलोमीटर अंदर जंगल में बने एक सेंटर में रखा गया। एक चाइनीज कंपनी में छोड़ दिया गया। यहां उसे करीब 1 महीना 20 दिन रखा गया। Job Racket
महेन्द्र के मुताबिक, वहां उसे साइबर स्कैम से जुड़े काम करने के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर धमकियां दी गईं और परिवार से पैसे मंगवाने का दबाव बनाया गया। महेंद्र ने बताया की परिवार के लोगों ने जब उसको लेकर सोशल मिडिया पर पोस्ट डालना शुरू की तो इन लोगों ने उसे छोड़ने के एवज में पहले 6 लाख रूपए की मांग की और इसके बाद अकाउंट डिटेल्स देने करीब एक हफ्ते का समय लगाया।
एक हफ्ते के बाद उन्होंने 6 लाख की राशि को बढ़ाकर 10 लाख कर दी और फिर कहा की 12 लाख रुपय देने होंगे नहीं तो वो उसे मार देंगे। घर वालों ने बताए गए अकाउंट नंबर्स पर १२ लाख रुपत ट्रांसफर करवाए ,जिसके बाद उन्होंने उसे कंपनी के बाहर सड़क पर लेजाकर छोड़ दिया। फिर जैसे तैसे महेंद्र ने अपने भाई से संपर्क किया और इंडिया पहुंचा। Man cheated over getting job
महेंद्र का कहना है की जसि जगह उसे रखा गया था वहां उस जैसे और भी इंडियन लोग फसें हुए है। महेंद्र ने कहा की अब इंडिया आने के बाद वो चाहते है की वो उन सभी इंडियन लोगों तक भी मदद पहुंचाए और उन लोगों के चंगुल से अपने उन सभी इंडियन भाइयों को आजाद करवाए।
फिहाल अब वह संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है और उन्होंने पूरे मामले की जानकारी जांच एजेंसियों को दी है।