पिछोला, फतेहसागर झीलों पर नही आ रहे प्रवासी पक्षी

झीलों के भीतर नावों के बढ़ते यातायात से पक्षियों के जीवन को आघात पंहुचा है

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migratory birds

उदयपुर,15 जनवरी । उदयपुर की फतेहसागर, पिछोला झीलों से देशी प्रवासी पक्षियों का विमुख होना एक अशुभ संकेत है। यह चिंता रविवार को आयोजित झील संवाद में व्यक्त की गई है।झील संरक्षण समिति के डॉ. अनिल मेहता ने कहा कि झीलों के किनारों ने पक्षियों के आश्रय स्थलों को नुकसान पंहुचाया है। अतः पक्षी दूसरे झीलों व तालाबों का रूख कर रहे हैं। झील विकास प्राधिकरण के पूर्व सदस्य तेज शंकर पालीवाल ने कहा कि पिछोला की मगरियों में आने वाले पक्षियों की संख्या में वर्ष दर वर्ष कमी हो रही है। इस वर्ष यह संख्या न्यूनतम है।

गांधी मानव कल्याण समिति के नंद किशोर शर्मा ने कहा कि झील किनारे सड़कों पर अत्यधिक वाहन संचालन ने पक्षियों सहित अन्य जैव विविधता को नुकसान पंहुचाया है। युवा पर्यावरण प्रेमी कुशल रावल ने कहा कि झीलों के भीतर नावों के बढ़ते यातायात से पक्षियों के जीवन को आघात पंहुचा है।

संवाद से पूर्व पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के नाहर सिंह की उपस्थिति में झील घाट पर श्रमदान कर भारी मात्रा में जमा कचरे को हटाया गया।

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