MLSU - कुलपति प्रो अमेरिका सिंह ने कहा, रजिस्ट्रार एवं वित्त नियंत्रक के साथ हुई अभद्रता में यदि मेरी भूमिका सिद्ध हुई तो त्यागपत्र दे दूंगा

कल सोमवार को यूनिवर्सिटी में उदयपुर संभाग के प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन और रजिस्ट्रार के मध्य विवाद हुआ था
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उदयपुर 18 जनवरी 2022। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अमेरिका सिंह ने कहा की रजिस्ट्रार एवं वित्त नियंत्रक के साथ हुई बदतमीजी में यदि किसी भी रूप में मेरी भूमिका पाई जाती है तो मैं अपने पद से त्यागपत्र दे दूंगा।

कुलपति प्रोफ़ेसर सिंह ने कहा कि मंगलवार को हुई घटना से उनका कोई लेना देना नहीं है, ना ही उनकी कोई भूमिका है। जो लोग उन पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगा रहे हैं यदि इस तरह के किसी भी षड्यंत्र में उनकी भूमिका पाई जाती है तो अपना पद त्याग देंगे। उल्लेखनीय ही की कल सोमवार को यूनिवर्सिटी में उदयपुर संभाग के प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन और रजिस्ट्रार के मध्य विवाद हुआ था जिसमे दोनों पक्षों ने एफआईआर तक दर्ज करवाई है।  वहीँ इस मामले में राजनीती भी शुरू हो चुकी है। 

कुलपति प्रोफ़ेसर सिंह ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार लंबे समय से असहयोग की भूमिका में है, इससे विश्वविद्यालय का मूल काम एवं सामान्य प्रशासनिक काम बाधित हो रहा है।

प्रो सिंह ने कहा कि चंपा बाग भूमि पर अतिक्रमण के मामले में उन्होंने रजिस्ट्रार से एफ आई आर दर्ज करने के लिए कहा था जो आज तक दर्ज नहीं की गई है। इसके साथ ही बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट में लिए गए कि निर्णयों पर एक्शन टेकन करना है वह भी रजिस्ट्रार फाइलों में दबाए बैठे हैं। शोध छात्रों की सीटें एवं सुपरवाइजर की संख्या बढ़ाने, पेटेंट सेल को शुरू करने का आदेश भी अब तक दबाकर बैठे हैं। 

कुलपति ने कहा कि नई भर्तियों के विज्ञापन निकालने का आदेश भी 2 महीने से दबा कर बैठे हैं। साथ ही कुछ शिक्षकों की पूर्व सेवा को मूल सेवा में जोड़ने का आदेश भी जारी नहीं किया है, जबकि इसका लाभ कई शिक्षक ले चुके हैं।

कुलपति प्रोफ़ेसर अमेरिका सिंह ने रजिस्ट्रार पर आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार द्वारा ऑनलाइन पोर्टल को बार-बार बंद करने और परीक्षा स्थगित करने से विद्यार्थियों का काम भी प्रभावित हो रहा है। यहीं आरोप प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन ने भी रजिस्ट्रार पर लगाये है।  

कुलपति ने कहा कि निजी कॉलेजों से जीएसटी लेने के प्रकरण में सरकार जो भी आदेश देगी उसकी पालना की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी गैर शैक्षणिक कर्मचारी के साथ अभद्रता को बरदाश्त नही किया जाएगा तथा इस मामले में जांच कमेटी बिठा कर समुचित कार्यवाई की जाएगी।

कुलपति प्रो सिंह ने कहा कि यदि किसी भी तरह के षड्यंत्र में उनकी भूमिका की बात कही जाती है तो किसी भी जांच एजेंसी के समक्ष जांच के लिए तैयार है और यदि उनकी कोई भूमिका पाई जाती है तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। 

कुलपति प्रोफ़ेसर सिंह ने कहा कि वित्त नियंत्रक दलपत सिंह राठौड़ एक ईमानदार और स्वच्छ छवि के व्यक्ति हैं एवं सदैव विश्वविद्यालय के कामकाज में सहयोग करते हैं। उनकी भूमिका सदैव सकारात्मक रहती है, लेकिन रजिस्ट्रार लगातार सारे कामों को रोकते है और प्रभावित करते हैं जिससे दिन प्रतिदिन का विश्वविद्यालय का कामकाज प्रभावित होता है।
 

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