Udaipur Times, Success Story: यह साबित करते हुए कि सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती, उदयपुर की एक लिमिटेड कंपनी में कार्यरत 48 वर्षीय मोहित जोशी ने नेपाल स्थित अन्नपूर्णा बेस कैंप की कठिन ट्रेकिंग सफलतापूर्वक पूरी कर एक प्रेरणादायी उपलब्धि हासिल की।
समुद्र तल से लगभग 13,550 फीट (4,130 मीटर) की ऊँचाई पर स्थित अन्नपूर्णा बेस कैंप तक पहुँचने के दौरान मोहित को लगभग माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तापमान का सामना करना पड़ा। इस रोमांचक यात्रा में उन्होंने लगभग 60 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए करीब 40 से 45 हजार सीढ़ियां चले। यात्रा मार्ग पर देश-विदेश से आए ट्रेकर्स की भारी भीड़ और कई स्थानों पर लंबी कतारें भी देखने को मिलीं।
तीन महीने की कड़ी तैयारी ने बनाया लक्ष्य आसान
इस चुनौतीपूर्ण अभियान की सफलता के पीछे मोहित की लगभग तीन महीने की नियमित मेहनत और अनुशासित तैयारी रही। वे उदयपुर स्थित नीमच माता मंदिर में नियमित अभ्यास करते थे। यहाँ वे पीठ पर 10 किलोग्राम वजन का बैग लेकर तीन से चार चक्कर लगाते थे। उनकी इसी निरंतर मेहनत और शारीरिक तैयारी ने उन्हें हिमालय की कठिन परिस्थितियों का सामना करने में मदद की।
अल्ट्रारनर, साइकिलिस्ट और रोमांचक यात्राओं के शौकीन मोहित इससे पहले सितंबर 2024 में नेपाल स्थित एवरेस्ट बेस कैंप की ट्रेकिंग भी पूरी कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त वे कई अन्य ट्रेकिंग अभियानों में भी भाग ले चुके हैं। अन्नपूर्णा बेस कैंप तक पहुँचने की उनकी यह नवीनतम उपलब्धि उनके अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और रोमांच के प्रति जुनून को दर्शाती है।
उदयपुर के युवाओं को दिया प्रेरणादायी संदेश
अपनी उपलब्धि के अनुभव साझा करते हुए मोहित ने युवा पीढ़ी और उदयपुरवासियों को प्रेरित करने वाला संदेश दिया“सपने हमेशा देखने चाहिए, क्योंकि सपने सच होते हैं।”
मोहित की यह यात्रा संदेश देती है कि उम्र कभी भी अपने लक्ष्य से पीछे हटने का बहाना नहीं बननी चाहिए। निरंतर प्रयास, उचित तैयारी, दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच के साथ कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
परिवार के सहयोग के प्रति जताया आभार
मोहित ने अपनी इस उपलब्धि के लिए परिवार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पूरे सफर में परिवार का निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और विश्वास उनकी प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत रहा। परिवार के इसी संबल ने उन्हें अपने जुनून को आगे बढ़ाने और इस महत्वपूर्ण उपलब्धि तक पहुँचने में सहायता की।
मोहित जोशी की यह सफलता केवल अन्नपूर्णा बेस कैंप तक पहुँचने की कहानी नहीं है, बल्कि यह अपने सपनों को साकार करने, निरंतर प्रयास करने और स्वयं की सीमाओं को चुनौती देने की प्रेरणादायी मिसाल है।
उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर इंसान असाधारण ऊँचाइयाँ हासिल कर सकता है।