राजस्थान के मोतीलाल बने ‘किसान ब्रांड एम्बेसडर’, अब प्रदेशभर में देंगे जैविक एवं प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण
Udaipur Times, Rajasthan News: जयपुर जिले के मौजमाबाद क्षेत्र के प्रगतिशील कृषक मोती लाल को खेत में मेहनत, खेती में नवाचार और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति समर्पण से मिली सफलता हजारों किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।
प्रगतिशील कृषक मोती लाल ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय कार्यों और व्यावहारिक अनुभवों से ऐसी ही मिसाल कायम की है। उनकी कृषि के प्रति प्रतिबद्धता, नवाचार और किसानों को प्रेरित करने की क्षमता को देखते हुए कृषि विभाग, राजस्थान सरकार ने उन्हें ‘किसान ब्रांड एम्बेसडर’ एवं ट्रेनर के रूप में जोड़ने का निर्णय लिया है।
खेत के अनुभव को मिली प्रदेश स्तर पर पहचान
पंत कृषि भवन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल द्वारा मोती लाल को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में किसान ब्रांड एम्बेसडर एवं ट्रेनर के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर उन्हें कृषि क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित भी किया गया।
मोती लाल की विशेषता यह है कि वे 10वीं कक्षा तक शिक्षित होने के बावजूद अपने व्यावहारिक कृषि ज्ञान, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और प्रभावशाली संवाद क्षमता के कारण किसानों के बीच अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे एक अच्छे मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं और अपने अनुभवों को सरल एवं प्रभावी तरीके से किसानों तक पहुंचाने की क्षमता रखते हैं।
अब किसान ही बनेंगे किसानों के गुरु
मोती लाल अब अपने खेत में किए गए सफल प्रयोगों और वर्षों के अनुभव को अपने तक सीमित नहीं रखेंगे। वे राजस्थान के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले कृषक प्रशिक्षण, कार्यशालाओं, किसान संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेकर किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करेंगे। वे किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, जैविक कृषि पद्धतियों, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, खेती में नवाचार तथा टिकाऊ कृषि तकनीकों के बारे में अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करेंगे।
हर माह मिलेगा 11 हजार रुपए का मानदेय
‘किसान ब्रांड एम्बेसडर’ एवं ट्रेनर के रूप में मोती लाल को किसानों के बीच प्रशिक्षण एवं जागरूकता गतिविधियों के लिए श्री रामशांताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र, कोटा द्वारा 11 हजार रुपए प्रतिमाह का मानदेय प्रदान किया जाएगा।
किसान के अनुभव और सरकारी प्रशिक्षण व्यवस्था को जोड़ने वाली यह पहल प्रदेश में ‘किसान से किसान तक ज्ञान’ की अवधारणा को मजबूती प्रदान करेगी। इससे सफल किसानों के खेतों पर किए गए प्रयोग और स्थानीय स्तर पर विकसित कृषि ज्ञान सीधे अन्य किसानों तक पहुंच सकेगा।
प्रदेश में कहीं भी प्रशिक्षण के लिए मिलेगा विशेष सहयोग
राज्य में जहां भी जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार के लिए कृषक प्रशिक्षण, कार्यशाला या किसान संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे, वहां कृषि विभाग द्वारा मोती लाल की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। ऐसे कार्यक्रमों में उनकी यात्रा, परिवहन, भोजन व्यवस्था एवं आवश्यक अन्य सुविधाएं कृषि विभाग द्वारा वीआईपी ट्रीटमेंट वाली उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे प्रदेशभर के किसानों तक अपने अनुभव प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें।
‘किसान से किसान तक ज्ञान’ को मिलेगी नई ताकत
मोती लाल किसानों को यह संदेश देंगे कि खेती में सफलता के लिए केवल महंगे बाहरी संसाधनों पर निर्भरता आवश्यक नहीं है। स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान, आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के समन्वय से खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है।
उनका प्रशिक्षण किसानों को केवल तकनीकी जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे अपने व्यक्तिगत अनुभवों, सफल प्रयोगों और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से किसानों में आत्मविश्वास और नवाचार की भावना भी विकसित करेंगे।
एक किसान की सफलता, हजारों किसानों के लिए प्रेरणा
मोती लाल की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि किसान केवल कृषि उपज का उत्पादक नहीं, बल्कि कृषि ज्ञान, नवाचार और परिवर्तन का प्रभावी वाहक भी हो सकता है। एक सामान्य किसान द्वारा अपने खेत में किए गए सफल प्रयोगों को सरकारी स्तर पर पहचान मिलना प्रदेश के अन्य प्रगतिशील किसानों के लिए भी उत्साहवर्धक संदेश है। उनकी नियुक्ति से उन किसानों को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जो अपने स्तर पर जैविक, प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती के क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहे हैं।
