डूंगरपुर में अवैध निर्माण पर नगर परिषद सख्त
Udaipur Times News, डूंगरपुर 26 अक्टूबर 2026 । शहर में अवैध निर्माण और जमीन के नियम विरुद्ध इस्तेमाल को लेकर नगर परिषद ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। निजी कॉलोनियों में भूखंड बेचकर सड़क, नाली, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं करने वाले कॉलोनाइजरों की संपत्ति सीज की जा सकती है।
वहीं, आवासीय भूखंडों पर बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने और कृषि भूमि पर भू-उपयोग परिवर्तन कराए बिना मकान-दुकान बनाने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
सभापति सुशीला गुप्ता ने सर्वे और आम सूचना जारी करने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। Dungarpur News
अधूरी सुविधाओं वाली कॉलोनियों पर लगेगी रोक
नगर परिषद ने उन निजी कॉलोनियों में पट्टा जारी करने, नामांतरण, उपविभाजन और भवन निर्माण स्वीकृति जैसे कार्यों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है, जहां मूलभूत सुविधाएं अधूरी हैं। परिषद का उद्देश्य भूखंड बेचने के बाद विकास कार्य अधूरे छोड़ने वाले कॉलोनाइजरों की जवाबदेही तय करना है। Administrative News Dungarpur
परिषद के अनुसार, स्वीकृत कॉलोनियों में आवश्यक सुविधाएं विकसित करना संबंधित कॉलोनाइजर की जिम्मेदारी है। विकास कार्य पूरे नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भूखंड खरीदारों को राहत की उम्मीद
शहर की कई निजी कॉलोनियों में लोग जीवनभर की कमाई लगाकर भूखंड खरीदते हैं, लेकिन मकान बनाने के बाद सड़क, नाली और पेयजल जैसी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता है। ऐसे में उन्हें नगर परिषद के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अब परिषद अधूरे विकास कार्य छोड़ने वाले कॉलोनाइजरों को जवाबदेह बनाने की तैयारी में है, ताकि भूखंड खरीदारों को नियमानुसार मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। Udaipur News
आवासीय भूखंड पर कारोबार करने वालों पर भी कार्रवाई
नगर परिषद आवासीय भूखंडों पर बिना जरूरी अनुमति दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। इसी तरह कृषि भूमि पर भू-उपयोग परिवर्तन और आवश्यक अनुमतियां लिए बिना मकान या दुकान बनाने के मामलों की जांच की जाएगी।
सर्वे और आम सूचना के बाद होगी कार्रवाई
सभापति सुशीला गुप्ता ने स्पष्ट किया कि जमीन का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही होना चाहिए। नगर परिषद सर्वे और आम सूचना की प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित मामलों में कार्रवाई करेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संपत्ति सीज करने सहित अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।