सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, व्यवस्था सुधारें या काम छोड़ें - महापौर पारस सिंघवी

महापौर ने सफाई ठेकेदारों की बैठक लेकर दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी।

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Mayor Udaipur

 

Udaipur Times News, Municipal Corporation Udaipur , उदयपुर 15 अक्टूबर 2026 । शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावी, व्यवस्थित एवं बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम महापौर पारस सिंघवी ने गुरुवार को निगम के सफाई ठेकेदारों के साथ बैठक आयोजित की। बैठक में महापौर ने शहर की सफाई व्यवस्था में सामने आ रही कमियों पर नाराजगी जताते हुए सभी ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार करें।

उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो ठेकेदार निर्धारित जिम्मेदारी के अनुरूप काम नहीं कर सकते, वे स्वेच्छा से अपना कार्य छोड़कर चले जाएं, अन्यथा निगम द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। Udaipur News

सिंघवी ने कहा कि यह कोई औपचारिक बैठक नहीं है इस बैठक का सकारात्मक परिणाम जल्द हमारे सामने आएगा। महापौर पारस सिंघवी ने बैठक में कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर लंबे समय से मिल रही शिकायतों और कमियों को अब गंभीरता से लिया जा रहा है। ठेकेदारों को अपने कार्यक्षेत्र में नियमित सफाई सुनिश्चित करनी होगी।

केवल टेंडर प्राप्त कर लेने से जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती, बल्कि निर्धारित शर्तों के अनुरूप धरातल पर काम दिखाई देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी और प्रत्येक ठेकेदार को अपनी जिम्मेदारी संतोषजनक ढंग से निभानी होगी।

काम के अनुरूप ही होगा बिलों का भुगतान। महापौर सिंघवी ने साफ शब्दों में कहा कि सफाई व्यवस्था की गुणवत्ता के आधार पर ही संबंधित ठेकेदारों के बिलों का भुगतान किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में सफाई कार्य संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, वहां संबंधित ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाई जा सकती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी ठेकेदार की सिफारिश के आधार पर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। Udaipur Municipal Corporation 

निगम में काम करने वाले प्रत्येक ठेकेदार को निर्धारित मापदंडों और नियमों के अनुसार कार्य करना होगा। कम दर पर टेंडर लेकर काम में कोताही करने वालों को चेतावनी। महापौर ने कहा कि कुछ ठेकेदार कम दरों पर काम लेने के बाद अपेक्षित स्तर पर सफाई कार्य नहीं कर रहे हैं।

ऐसे ठेकेदार अपनी कार्यप्रणाली सुधारें और जिम्मेदारी के साथ काम करें। यदि कोई ठेकेदार निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार काम करने में सक्षम नहीं है, तो वह स्वेच्छा से निगम का कार्य छोड़ सकता है। इसके बावजूद लापरवाही जारी रहने पर नियमानुसार जुर्माने सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। Mayor Udaipur 

यूडीए क्षेत्रों को लेकर दिए विशेष निर्देश। नगर निगम महापौर पारस सिंघवी ने उदयपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्र जो हाल ही में निगम में सम्मिलित किये गए है को लेकर विशेष निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि सीसारमा, बड़गांव बेदला, सुखेर, भुवाणा, अंबेरी, शोभागपुरा, बेडवास, लकड़वास, कलडवास, तितरडी आदि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था स्तरीय नहीं है।

जगह-जगह पर कचरे के ढेर लगे हुए रहते हैं। कचरा पॉइंट से कचरा व्यवस्थित साफ नहीं हो रहा है। कचरा जलाया जा रहा है जो की किसी भी कीमत पर बर्दाश्त योग्य नहीं है। किसी की सिफारिश नहीं चलेगी।

नगर निगम महापौर पारस सिंघवी ने बैठक में उपस्थित ठेकेदारों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर उनके द्वारा किसी भी तरह की कोई भी सिफारिश नहीं सुनी जाएगी। यदि काम लिया है तो उन्हें काम करना पड़ेगा सिफारिश करवाने से काम नहीं चलेगा। पेमेंट काटना उद्देश्य नहीं। नगर निगम महापौर पारस सिंघवी ने स्पष्ट कहां की ठेकेदार का पेमेंट काटना नगर निगम का उद्देश्य नहीं है।

शहर की सफाई व्यवस्था माकूल बनाना उद्देश्य है। कोई ठेकेदार यह समझता है कि मेरा पेमेंट कट जाएगा और मैं बच जाऊंगा तो उसकी यह गलतफहमी है। शहर को स्वच्छ एवं सुंदर रखना हमारी प्राथमिकता है ना कि ठेकेदार का पेमेंट काटना। नेहरू बाल उद्यान के होज की फोटो दिखाकर बताई हकीकत।

बैठक के दौरान महापौर पारस सिंघवी ने नेहरू बाल उद्यान स्थित होज की तस्वीरें मंगवाकर सभी ठेकेदारों को दिखाई। तस्वीरों के माध्यम से उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था में मौजूद कमियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि शहर की वास्तविक स्थिति केवल कागजों में दर्ज रिपोर्ट से नहीं बल्कि मौके पर दिखाई देने वाले कार्य से तय होती है।

उद्यानों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शहरवासियों को स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिल सके।

झीलों की सफाई एवं सौंदर्यीकरण पर भी विशेष जोर। महापौर ने बैठक में उदयपुर की झीलों की सफाई व्यवस्था पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि झीलें शहर की पहचान हैं और इनके आसपास स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। झीलों के किनारों, आसपास के सार्वजनिक स्थलों तथा संबंधित क्षेत्रों में नियमित सफाई होनी चाहिए। Cleanliness Drive 

उन्होंने अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि झीलों को स्वच्छ, व्यवस्थित और सुंदर बनाए रखने के लिए प्रभावी निगरानी की जाए तथा जहां भी कमी दिखाई दे, उसे तत्काल दूर किया जाए। स्वास्थ्य अधिकारी एवं निरीक्षक को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश।

महापौर पारस सिंघवी ने स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा एवं स्वास्थ्य निरीक्षक सुभाष चंद्र शर्मा को निर्देश दिए कि वे शहर की सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करें। प्रत्येक क्षेत्र में सफाई कार्य का निरीक्षण किया जाए और जहां भी लापरवाही सामने आए वहां संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

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