2 करोड़ की रिश्वत मामले में नया खुलासा, रकम का हिस्सा ऊपर तक पहुंचाने की बात का ऑडियो सामने आने का दावा
रानी रोड पर दलाल और आरोपी एसीपी के मिलने वाले जगह की की गई तजदीक , सीसीटीवी फुटेज से हाथ लगे कई अहम सुराग
उदयपुर। 2 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत के मामले में गिरफ्तार एसओजी के एडिशनल एसपी मुकेश सोनी और कथित दलाल सज्जन सिंह जैन को लेकर जांच में नया खुलासा सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, एसीबी को एक रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें सज्जन सिंह जैन और शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा के बीच बातचीत बताई जा रही है। ACB Trap Udaipur
इसमें कथित तौर पर दलाल ने कहा कि 2 करोड़ रुपए में से 1 करोड़ रुपए ऊपर तक जाएगा और बाकी रकम की व्यवस्था करने को कहा। बताया जा रहा है कि एसीबी अब तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से मुकेश सोनी के मोबाइल फोन का पासवर्ड हासिल करने का प्रयास कर रही है।
जांच एजेंसी को आशंका है कि मोबाइल से कथित रिश्वत की रकम के बंटवारे से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है। Crime News
जांच अधिकारी एसीबी के अडिश्नल एसपी महावीर सिंह ने बताया की पूछताछ का दौर जारी है शुक्रवार को रानी रोड पर लेजाकर आरोपियों से मौका तजदीक करवाया गया है , साथ ही सीसीटीवी कमेरों के फुटेज भी खंगाले गए है जिस से कुछ अहम सुराग सामने आए हैं , अभी मामले की जांच जारी है । हालांकि उन्होंने किसी भी रिकॉर्डिंग मिलने की बात से इनकार किया है और कहा है की फिलहाल पूछताछ जारी है ।
एक दिन में तीन बार बदला मिलने का समय जानकारी के अनुसार, 23 सितंबर को फतहसागर झील किनारे रानी रोड पर रिश्वत को लेकर बातचीत के लिए मुलाकात तय हुई थी। आरोप है कि मुकेश सोनी ने एक ही दिन में तीन बार मिलने का समय बदला। पहले सुबह 10 बजे, फिर दोपहर 1 बजे और बाद में शाम 5 बजे का समय दिया गया।
शाम 5 बजे भी मुलाकात नहीं हुई। इसके बाद सज्जन सिंह शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा को लेकर महाकालेश्वर मंदिर के पास पहुंचा।
दोनों करीब डेढ़ घंटे तक मुकेश सोनी का इंतजार करते रहे। Udaipur News
शाम करीब 6:30 बजे मुकेश सोनी वहां पहुंचा और अपनी कार खड़ी कर दोनों को कार में बुलाया। बताया जा रहा है कि करीब चार मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान मुकेश सोनी ने कथित तौर पर मोबाइल स्क्रीन पर 2 करोड़ रुपए लिखकर दिखाए और आगे की बातचीत सज्जन सिंह से करने को कहा।
फरार कांस्टेबल को फिर एसओजी में तैनाती मामले में एसओजी का रीडर कांस्टेबल जसवंत राव फरार बताया जा रहा है। ACB Udaipur
इसी बीच पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने एसओजी एडीजीपी की अनुशंसा पर गुरुवार को प्रदेशभर में 30 कांस्टेबलों को अलग-अलग शहरों की एसओजी इकाइयों में तैनात किया है। इनमें फरार चल रहे कांस्टेबल जसवंत सिंह राव को भी एक साल के लिए फिर से एसओजी में लगाया गया है। इसके अलावा कांस्टेबल अंकित की भी एसओजी में तैनाती की गई है। मामले में एसीबी की जांच जारी है और रिकॉर्डिंग तथा मोबाइल फोन से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।