एलिवेटेड रोड पर विरोध नहीं लेकिन ड्रॉइंग में संशोधन पर विचार हो - पारस सिंघवी

कार्यकाल समाप्त हो गया इसलिए अब आम नागरिक 

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paras singhvi

उदयपुर 20 नवंबर 2024। शहर के रेलवे स्टेशन से कलेक्टर निवास तक बनने वाले एलिवेटेड रोड की परसो 18 नवंबर को आधारशिला रखी गयी जिसमे पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, शहर विधायक गुलाब चंद कटारिया, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, नगर निगम के महापौर जी एस टांक समेत लगभग सभी पार्षद उपस्थित रहे थे लेकिन शहर के उपमहापौर पारस सिंघवी का नदारद होना चर्चा का विषय बना हुआ है। 

वहीँ आज सुबह उपमहापौर पारस सिंघवी ने घोषणा कर डाली कि अब वह उपमहापौर नहीं बल्कि एक आम नागरिक है।  पारस सिंघवी ने कारण बताया की आज से पांच साल पहले 19 नवंबर को शपथ ली थी और आज उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है।  और चूँकि सरकार से कार्यकाल बढ़ाने का कोई आदेश जारी नहीं किया है तो अब वह आम जन ही है। हालाँकि सरकार ने किसी पार्षद से अब तक इस्तीफ़ा नहीं माँगा है। 

दरअसल शहर में चर्चा है की एलिवेटेड रोड से नाराज़ पारस सिंघवी ने यह कदम उठाया है वहीँ पारस सिंघवी का कहना है की उनका एलिवेटेड रोड पर कोई विरोध नहीं है।  लेकिन एलिवेटेड रोड की ड्रॉइंग को लेकर संशोधन की आवश्यकता है। एक बार पुनः विचार करना चाहिए ताकि किसी का अहित न हो। 

पारस सिंघवी ने कहा कि एलिवेटेड रोड को रेलवे स्टेशन के दूसरे फाटक से शुरू कर बंसी पान वाले के आगे उतारना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह सत्य है कि एलिवेटेड रोड बनने से उनके नीचे स्थित बाजार के व्यापार बाधित होगा।  उन्होंने कहा की एलिवेटेड रोड से शहर की 20% जनता को ही फायदा होगा, जिससे 80% जनता को फायदा है सरकार को ऐसा काम करना चाहिए। उन्होंने कहा की एलिवेटेड रोड की ड्रॉइंग पर गुलाबचन्द कटारिया, विधायक और कलेक्टर सभी को पुनर्विचार करना चाहिए।   

एलिवेटेड रोड की आधारशिला रखने के अवसर पर अनुपस्थित रहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके घर पर निजी कार्य की वजह से वह नहीं आ सकें। 

शहर विधायक ताराचंद जैन से नाराज़गी के सवाल पर उन्होंने कहा की उनकी किसी से कोई नाराजगी नहीं है लेकिन कोई अगर हमारे एमएलए साहब नाक के सवालपर किसी की बेइज़्ज़ती करे यह उनका सोचना है। 

पारस सिंघवी के कहा कि विधानसभा चुनावो में उन्होंने टिकट माँगा था और नहीं मिलने पर विरोध भी जताया था लेकिन पार्टी की इच्छा और गुलाबचंद कटारिया के कहने पर नाराज़गी भूलकर चुनाव में उन्होंने पार्टी के हित में काम किया। उन्होंने बताया की महापौर से भी उनकी कोई नाराज़गी नहीं है।  

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