सूरजपोल गेट पर अरबी भाषा में लिखे स्लोगन हटाने का विरोध

सूरजपोल गेट पर अरबी भाषा में लिखे स्लोगन हटाने का विरोध

मुस्लिम समाज ने आयुक्त, महापौर को ज्ञापन सौंप कर विरोध जताया

 
Surajpol Gate Arabic Calligraphy Removed from Surajpol Gate UMC Mayor assures reinstating

उदयपुर 15 फरवरी 2023। सूरजपोल गेट से हटाए गए अरबी भाषा में लिखें चित्रों को वापस लगाने की मांग को लेकर मुस्लिम समाज ने नगर निगम के आयुक्त एवं  महापौर को ज्ञापन सौंप कर विरोध जताया है। 

दरअसल उदयपुर शहर के सूरजपोल द्वार पर अरबी भाषा में लिखें चित्र लगाए गए थे, जिस पर मंगलवार को क्षेत्रीय पार्षद गौरव प्रताप सिंह के नेतृत्व में कुछ कांग्रेसी पार्षदो ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा था, और इनको हटवाने की मांग की थी।  इसके बाद गेट से इन चित्रों को हटा दिया गया, जिसके विरोध में आज मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि मंडल ने एडीएम सिटी, नगर निगम आयुक्त, स्मार्ट सिटी के अधिकारी, महापौर और उप महापौर को ज्ञापन सौंपा।

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कांग्रेस नेता रियाज हुसैन ने बताया कि कुछ कंग्रेसी पार्षदों ने गेट पर अरबी भाषा में लिखें चित्रों को हटवा दिया है, जबकि वहां सभी धर्मों के स्लोगन लिखे हुए है, ऐसे में उन कंग्रेसी पार्षदों ने मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत की है।  हुसैन ने बताया कि उनके खिलाफ एडीएम और आयुक्त से शिकायत भी की है, साथ ही महापौर गोविंद सिंह टांक ने सूरजपोल गेट पर जल्द ही अरबी भाषा का स्लोगन लगाने का आश्वासन दिया है। 

कांग्रेस नेता शराफत खान का कहना है कि विरोध करने वाले कंग्रेसी पार्षदों के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस में शिकायत दर्ज करवाएंगे।

2 दिन पूर्व गौरव प्रताप सिंह ने सूरजपोल द्वार पर लगी अरबी चित्रों का विरोध करते हुए कहा था की शहर का सूरजपोल चौराहा महाराणाओं के समय से मेवाड़ की आन, बान शान का प्रतीक बन कर खड़ा रहा है।  ऐसे में यहाँ पर बने एतिहासिक द्वार पर अरबी भाषा में लिखी हुई तस्वीरे दरशाई गई है। सिंह ने इसपर आपत्ति जताते हुए कहा की उन्होंने समस्त अधिकारीयों से इन चित्रों का माँ पन्ना धाय , मीरा, और महाराणा प्रताप की भूमि से क्या लेना देना है?

इस पर गौरव ने ये भी कहा था की उनके द्वारा उठाए गए सवालों पर अभी तक अधिकारीयों का कोई जवाब नहीं आया है; सिंह ने कहा की सम्बंधित अधिकारीयों ने उन्हें बताया कि बागोर की हवेली स्थित वेस्ट कोस्ट कल्चर नामक विंग द्वारा इन चित्रों को लगाने का टेंडर दिया गया है।

उन्होंने कहा था की उनके द्वारा इस वींग के अधिकारीयों से भी बात की जाएगी और उनसे भी इन चित्रों को यहाँ लगाने का कारन पूछा जाएगा। उन्होंने मांग की थी की उदयपुर जिसका खुदका एक गहरा इतिहास रहा है एसी जगह पर दूसरा कोई इतिहास न लगाया जाए जिस से यहाँ पर जो सेलानी आते हैं वो यहाँ के महापुरषों के बारे में जाने, और इसके अलावा भी जो वीर शहीद देश के लिए कुर्बान हुए हैं उनकी प्रतिमाएं लगाई जाएं. और अरबी में लगाई गए चित्रों को जल्द से जल्द हटाने की मांग की थी।

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