GBH American Hospital के अवैध निर्माणों को 72 घण्टे के अंदर सीज करने के आदेश

ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा के सवाल पर मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जवाब देते हुए बताया गया कि अस्पताल द्वारा धोखाधड़ी, जालसाजी की शिकायतो की प्रारंभिक जानकारी में पुष्टि हुई है
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GBH American hospital Bedwas udaipur

उदयपुर 22 जुलाई 2024। शहर के बेड़वास (प्रतापनगर) स्थित GBH American Hospital के भवन निर्माण में अनियमितता की जांच मुख्य सचिव की निगरानी में उच्च स्तरीय समिति करेगी। नगरीय विकास एवं स्वायत शासन, राज्य मंत्री खर्रा ने कहा कि बिना स्वीकृति के जितने भी निर्माण हुए हैं, उन्हें संबंधित नगरीय निकाय 72 घंटे के अंदर सीज करेगा।

विधायक फूल सिंह मीणा द्वारा अमेरिकन इंटरनेशनल हेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड के सम्बंध में उठाये गए सवालों पर आज सदन में नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा द्वारा जवाब देते हुए बताया गया कि अस्पताल द्वारा RSMM, महाराणा भुपाल अस्पताल के साथ धोखाधड़ी व जालसाजी की शिकायतो की प्रारंभिक जानकारी में पुष्टि हुई है, उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच समिति बनाकर 4 से 5 सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत की जायगी, साथ ही GBH American Hospital द्वारा किये गए अवैध निर्माणों को 72 घण्टे के अंदर सम्बंधित निकाय द्वारा सीज करने के आदेश हुए है। 

नगरीय विकास एवं स्वायत शासन, राज्य मंत्री खर्रा शून्यकाल के दौरान उदयपुर (ग्रामीण) विधायक फूल सिंह मीणा द्वारा ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से इस संबंध में उठाए गए सवाल का जवाब देते हुआ बताया कि उदयपुर जिला कलक्टर की ओर से 18 जुलाई, 1998 को मैसर्स अमेरिकन इन्टरनेशनल हेल्थ मैनेजमेन्ट लिमिटेड पंजीकृत कम्पनी को हॉस्पिटल तथा डायग्नोस्टिक एवं हेल्थ सेन्टर की स्थापना के लिए 99 वर्ष की अवधि के लिए भूमि आवंटित की गई थी।

नगरीय विकास एवं स्वायत शासन, राज्य मंत्री खर्रा ने बताया कि इस भूखण्ड पर भवन निर्माण की स्वीकृति न्यास की ओर से 4 जुलाई 2014 को जारी की गई थी, जिसके तहत जेबीएच हॉस्पिटल में स्वीकृत मानचित्र अनुसार निर्माण स्वीकृति जारी की गई थी। उन्होंने बताया कि इस निर्माण के सम्बन्ध में वर्तमान में निर्मित भवन की जांच की गई, जिसमें मौके पर स्वीकृति के अतिरिक्त नर्सिंग हॉस्टल में भूतल एवं आठ तल तथा प्रोफेसर भवन में भूतल एवं नौ तल का स्वीकृति के विरूद्ध अवैध निर्माण पाया गया है।

उन्होंने बताया कि राजस्थान स्टेट मिनरल एंड माइन्स लिमिटेड एवं महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के साथ धोखाधड़ी व जालसाजी की शिकायतें प्राप्त हुई है जो प्रारंभिक जांच में सत्य प्रतीत होती है।

राज्य मंत्री खर्रा ने कहा कि यह प्रकरण नगरीय विकास विभाग के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा खनिज विभाग से जुड़ा हुआ है। राज्य के मुख्य सचिव की निगरानी में उच्च स्तरीय समिति का गठन कर इस प्रकरण की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति के हुए निर्माण को संबंधित नगरीय निकाय 72 घंटे के अंदर सीज कर विधानसभा सचिवालय और विभाग को सूचित करेगा।

Source: Bhaskar

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