महिला सुरक्षा रैली पर आयोजकों का सपष्ठीकरण

धक्का मुक्की की खबर को बताया गलत 

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Protest in Udaipur

 

Udaipur Times News, Protest Udaipur , Women Safety , उदयपुर 6 अक्टूबर 2026 - रविवार 4 अक्टूबर 2026 को उदयपुर में महिला सुरक्षा को लेकर एक  रैली का आयोजन किया गया था। इस रैली का आयोजन उदयपुर के युवाओं द्वारा किया गया था ।

युवाओं का कहना है की  इसके लिए एक दिन पूर्व उदयपुर प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से विधिवत अनुमति ली गई थी। रैली का पूरा कार्यक्रम, मार्ग और अन्य आवश्यक विवरण प्रशासन एवं पुलिस के साथ साझा किए गए थे। रैली के लिए शुरुआत से ही स्पष्ट नियम बनाए गए थे कि इसे किसी भी तरह राजनीतिक, धार्मिक या सामुदायिक मुद्दे की ओर नहीं ले जाया जाएगा।

रैली के आयुजनकर्ता चिराग खण्डेलवाल  ने बताया की रैली की मांगें भी पूरी तरह स्पष्ट थीं — यौन उत्पीड़न और बलात्कार की रोकथाम, बलात्कार के मामलों में सख्त कार्रवाई, कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन और वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में लाना। Protest News 

उन्होंने बताया की रैली जब दिल्ली गेट पहुंची, उसी दौरान एक महिला अपने साथ दो लोगों को लेकर रैली में शामिल हुईं और ऐसे पोस्टर लेकर आईं जिनमें राजनीतिक और धार्मिक टिप्पणियां थीं। साथ ही, ऐसे नारे लगाने का प्रयास किया गया जो हमारे प्रदर्शन के निर्धारित विषय और दायरे का हिस्सा नहीं थे और जिनका हम समर्थन या प्रचार नहीं कर रहे थे।

चिराग ने कहा की इस प्रकार रैली की दिशा को बदलने और उसमें व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया गया। ये पोस्टर रैली के स्पष्ट नियमों के विरुद्ध थे। स्वयंसेवकों द्वारा उन पोस्टरों को लिया गया और वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों को तुरंत सौंप दिया गया। Peaceful Protest 

इस दौरान किसी भी प्रकार की धक्का-मुक्की या अभद्र व्यवहार नहीं हुआ। हम स्पष्ट रूप से धक्का-मुक्की की खबर का खंडन करते हैं। पुलिस पूरे समय मौके पर मौजूद थी और स्थिति को वहीं संभाला गया। इस घटना के संबंध में कुछ रिपोर्टों में चिराग खंडेलवाल द्वारा धक्का-मुक्की किए जाने की बात कही गई है। Scuffle in Udaipur 

यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। चिराग खंडेलवाल रैली में मौजूद थे, लेकिन जिस महिला और स्वयंसेवकों के बीच interaction की बात रिपोर्ट में की गई है, उस interaction की उपलब्ध वीडियो फुटेज में चिराग खंडेलवाल मौजूद ही नहीं हैं। उस समय मामले को वहां मौजूद महिला स्वयंसेवकों और पुलिस प्रशासन द्वारा संभाला गया।

हमारे पास इस घटना की visual footage उपलब्ध है, जिसे कोई भी जिम्मेदार मीडिया संस्थान स्वयं देखकर सत्यापित कर सकता है। इस घटना की वीडियो क्लिप्स पुलिस के पास भी उपलब्ध हैं। ऐसे में जब घटना में धक्का-मुक्की हुई ही नहीं और उपलब्ध फुटेज में चिराग खंडेलवाल उस interaction में मौजूद भी नहीं हैं, तब अखबार में उनका नाम धक्का-मुक्की से जोड़कर प्रकाशित किया जाना गंभीर और आपत्तिजनक है। Women Safety 

 चिराग  का कहना है की इससे उनकी व्यक्तिगत छवि और प्रतिष्ठा प्रभावित होती है और यह उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास प्रतीत होता है। इस संबंध में आज हमने उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी है और अपना पक्ष उनके समक्ष रखा है।

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