कलड़वास गांव में रहस्यमयी बीमारी से दहशत
एक की मौत, कई परिजन आईसीयू में
उदयपुर 23 फ़रवरी 2026। शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर कलड़वास गांव में इन दिनों एक रहस्यमयी बीमारी ने लोगों में दहशत फैला दी है। पिछले दो महीनों से लगातार बढ़ रही इस बीमारी के कारण एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि उनके दोनों बेटे अस्पताल के ICU में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। वे अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके।
परिजनों के अनुसार सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ होने पर मरीजों को कई बार वेंटिलेटर पर रखना पड़ रहा है। घर की महिलाओं और बच्चों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उदयपुर और अहमदाबाद के प्रतिष्ठित अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद अब तक बीमारी का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ पाया है।
गांव के पृथ्वीराज डांगी ने बताया कि उनके छोटे भाई सोहनलाल डांगी (61) पिछले वर्ष 30 जून को पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से पंपमैन पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के छह माह बाद नवंबर में उनकी त्वचा काली पड़ने लगी। शुरुआत में उन्होंने आयुर्वेदिक उपचार कराया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में उदयपुर के एमबी अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में इलाज कराया गया, जहां अलग-अलग संक्रमण पाए गए।
लंबे समय तक भर्ती रहने के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो उन्हें अहमदाबाद के जायडस अस्पताल में भर्ती कराया गया। चेस्ट इंफेक्शन, किडनी इंफेक्शन और त्वचा संबंधी इलाज के लिए विदेश से महंगे इंजेक्शन और दवाएं मंगाई गईं, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। 18 फरवरी को इलाज के दौरान सोहनलाल डांगी ने दम तोड़ दिया।
रिपोर्ट में उनका हीमोग्लोबिन स्तर 5.5 बताया गया था। उनके बेटे लीलाशंकर और प्रकाश भी इसी बीमारी से पीड़ित हैं। परिवार की तीन महिलाएं पत्नी प्रेमी बाई, बहू कौशल्या और भारती में भी लक्षण दिखाई दे रहे हैं। सभी के शरीर का रंग काला पड़ता जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार हीमोग्लोबिन का स्तर काफी कम है और उसे बढ़ाने का उपचार जारी है, लेकिन मरीजों की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।
गांव में एक ही परिवार के कई सदस्यों में इस तरह के लक्षण सामने आने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग से बीमारी की जांच कर ठोस कारण सामने लाने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की जा रही है।
ज़िला कलेक्टर नमित मेहता ने बताया की मामला सामने आते ही मेडिकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पानी और खाने के सेम्पल लिए गए लेकिन सभी रिपोर्ट्स सामान्य आई और किसी प्रकार का कोई कॉन्टेमिनेशन नही पाया गया। ऐसे में इस अजीब सी मेडिकल कंडीशन का रहस्य अभी भी बना हुआ हैं। कुछ भी साफ रूप से कहा नही जा सकता।
वहीं CMHO डॉ अशोक आदित्य का कहना हैं की गांव में 23 मकान हैं जिसमे जिनमे 123 लोग रहते हैं और 20 मकानों में RO लगा हुआ हैं। सोहन लाल के मकान में सिर्फ़ ये मेडिकल कंडीशन देखने को मिली हैं। उन्होंने कहा की आज 23 फरवरी को डॉक्टर्स को एक टीम गीतांजलि भेजी जाएगी। उन्होंने कहा की परिवार लोगों से बात की गईं उनसे तेल के बारे में भी पूछा गया तो उन्होंने बताया की वह सरसो का तेल इस्तेमाल करते हैं। डॉ अशोक ने बताया की सरसो के तेल में भी कुछ कंटेंट ऐसा होता हैं जिससे उसके जहरीले होने की संभावना होती हैं लेकिन इनकी रिपोर्ट में ऐसे कोई भी लक्षण नही मिले हैं।
उधर सोहन लाल के दोनों पुत्रो का गीतांजलि हॉस्पिटल में इलाज कर रहें मेडिसिन डिपार्टमेंट के डॉ अभिषेक बासु का भी कहना हैं की सभी जांचे करवाने के बाद भी समस्या का स्पष्ट कारण सामने नही आ पा रहा, हों सकता हैं की ये हैवी मेंटल पोइजनिंग के कारण हों रहा हों, लेकिन कुछ भी साफ रूप से कहा नही जा सकता। साथ ही दोनों भाइयों की हालात गंभीर बनी हुई हैं, कार्डिक कनेक्शन भी सामने आया हैं बोन मेरोव सप्रेसड हैं।
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