पट्टों के लिए पेराफेरी पंचायतें आंदोलन पर: यूडीएच मंत्री खर्रा से मिले संघर्ष समिति पदाधिकारी

सर्किट हाउस में हुई आधे घंटे चली वार्ता विधायक दल की बैठक में समाधान निकालने का दिया आश्वासन

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“Udaipur periphery panchayat committee meeting UDH Minister Jhavar Singh Kharra at Circuit House regarding land lease disputes.”

उदयपुर , 4 दिसंबर 2025 - यूडीए पेराफेरी की पंचायतों में पट्टों की समस्या समाधान के लिए पेराफेरी पंचायत जिला संघर्ष समिति आंदोलन छेड़े हुए है।

गुरुवार को उदयपुर प्रवास पर आए यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा से संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने सर्किट हाउस में इस मामले को लेकर वार्ता की। यह बैठक आधे घंटे तक चली जिसमें संघर्ष समिति संयोजक चंदन सिंह देवड़ा ने पेराफेरी पंचायतों में आबादी पट्टों को लेकर आ रही समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की ताकि आए दिन यूडीए और जनता में अतिक्रमण हटाने के नाम पर जो टकराव की स्थितियां बन रही है उसे रोका जा सके।

प्रशासनिक अधिकारियो द्वारा सरकार द्वारा पट्टों के लिए जमीनें पंचायतों को आवंटन करने संबंधित जनहित से जुड़े जारी आदेश की पालना करवाने की मांग रखी।

निगम में शामिल पंचायतों को 69ए में पट्टे के नियम संशोधित कर उसे 31 दिसंबर 2024 कट ऑफ डेट किया जाए ताकि पट्टे जारी हो सके। देवड़ा ने कहा कि पेराफेरी में 70 नए गांव जोड़े गए उनमें भी बिना आबादी सर्वे किए बगैर यूडीए के नाम जमीन हस्तांतरित नहीं की जानी चाहिए नहीं तो वहां भी हालात टकराव भरे होंगे। इस दौरान कुछ गांव जो भौगोलिक दृष्टि से पहाड़ी भाग होकर दूरस्थ है उन्हें पेराफेरी से बाहर करने की बात रखी।

इस दौरान भाजपा शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, सहकारिता प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर, बड़गांव उप प्रधान प्रताप सिंह राठौड़, बड़गांव मंडल अध्यक्ष मोहन पटेल, पूर्व मंडल अध्यक्ष नन्द लाल वेद, लोकेश पालीवाल,ईश्वर गमेती, प्रकाश प्रजापत, हिम्मत सिंह, हेमराज गुर्जर, सोहन गमेती, सत्यनारायण गमेती, शोभालाल, धर्मचंद मीना, देवकिशन, नारायण लाल,भंवर पुष्करणा, गगन गमेती, चेनराम, देवेंद्र वैष्णव, समेत तमाम संघर्ष समिति पदाधिकारी मौजूद रहे। 

हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ेंगे

बैठक में मंत्री खर्रा ने कहा कि 7दिसंबर को विधायक दल की बैठक में पेराफेरी पंचायतों में पट्टों के लिए जारी संघर्ष की बात रखकर जनहित में फैसला लेने पर चर्चा करेंगे। इसके बाद समिति ने साफ कहा कि वह अतिक्रमण कर सरकारी जमीनों को खुर्द बुरद करने वालो के पक्ष में लेकिन वर्षों से जो बसावट बसी है उसका सर्वे करवाके सरकार प्रशाशन से पंचायतों ओर निगम के जरिए पट्टे जारी करावे।

अगर निकाय चुनावों से पहले इस पर जल्द फैसला नहीं किया तो संघर्ष समिति आरपार की लड़ाई छेड़ते हुए कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव डालेगी।

समस्या समाधान का रास्ता सुझाया फैसला सरकार करे

ज्ञापन में पेराफेरी पंचायतों ओर निगम में शामिल नई पंचायतों के लोगों को जो पट्टौ की समस्या है उसके समाधान को भी सुझाया है जिस पर सरकार निर्णय करे। इसमें नगर निगम में जो पेराफेरी पंचायतें हाल ही में शामिल कर ली उनमें बसे लोगों को निगम 69ए में 31दिसंबर 2024की बसावट के आधार पर पट्टे जारी करे। जिन पंचायतों में निगम विस्तार की अधिसूचना से पूर्व पट्टे जारी करने की आपत्तियां अखबारों में जारी हो चुकी उन्हें विशेष राहत देते हुए 69 ए में पट्टे जारी कर उन फाइलों को निपटाएं।

जो यूडीए पेराफेरी की पंचायतें है उनमें आबादी से लगती हुई भूमि जिस पर 31दिसंबर 2024 तक आबादी बस चुकी है उन आराजी भूमि को संबंधित पंचायत को आबादी प्रयोजनार्थ हस्तांतरित करने के लिए 4.1.2022के आदेश की अनुपालन कलेक्टर से कराई जावे। बिना नोटिस जिन गरीबों के मकान तोड़े गए है उन्हें मुआवजा देवे, भविष्य में बिना नोटिस ओर पूरे सुनवाई के अवसर दिए बगैर किसी का आशियाना नहीं तोड़ा जाएं। पहाड़ी भूभाग वाले नए गांव जो पेराफेरी में नए शामिल किए उन्हें बाहर निकाला जाए।

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