राजस्थान मे ITI की बदलेगी तस्वीर, संवरेगी युवाओ की तकदीर

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ITI

 

Udaipur Times, Rajasthan News:  PM-Setu प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड ITI) योजना के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का कायाकल्प शुरू हो गया है।

राष्ट्रीय संचालन समिति ने राजस्थान में भिवाड़ी क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी प्रदान की है। इसके उपरांत केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के मध्य शेयर होल्डर एग्रीमेंट साइन किया गया और राजस्थान शेयर होल्डर एग्रीमेंट साइन करने वाला पहला राज्य बना।

11 अन्य क्लस्टर्स के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर प्रस्ताव

प्रदेश में प्रस्तावित कुल 12 हब-स्पोक क्लस्टर्स से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत प्रशिक्षण सुविधाओं और उद्योगों से सीधे जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। हर क्लस्टर की लागत में लगभग 50 प्रतिशत केन्द्र, 33 प्रतिशत राज्य और 17 प्रतिशत हिस्सा उद्योग का रहेगा। क्लस्टर प्रबंधन के लिए बनने वाले विशेष प्रयोजन वाहन में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत रहेगी, जबकि केन्द्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 24.5-24.5 प्रतिशत होगी। जिससे उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। फिलहाल राज्य सरकार द्वारा भिवाड़ी के अलावा बाकी 11 क्लस्टर्स (जयपुर, जोधपुर, कोटा, भरतपुर, बांसवाड़ा, बालोतरा, बीकानेर, भीलवाड़ा, कोटपूतली, सीकर और पाली) के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। 

शिक्षण के साथ मिलेंगे ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और रियल एक्स्पीरियंस

भिवाड़ी क्लस्टर में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर एच.जी. इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड होगी, जिसका फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं कंस्ट्रक्शन क्षेत्र पर रहेगा। इसके तहत राजकीय आईटीआई भिवाड़ी हब होगा तथा राजकीय आईटीआई अलवर, नीमराणा, तिजारा और किशनगढ़बास स्पोक आईटीआई के रूप में जुड़ेंगे। हब में बनने वाले स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाओं और डिजिटल कंटेंट का लाभ चारों स्पोक संस्थानों के विद्यार्थियों को भी मिलेगा। यहां एनसीआर से सटे ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग बेल्ट की मांग को देखते हुए एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन और इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम भी चलाए जाएंगे, जिससे स्टूडेंट्स को शिक्षण के साथ ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और वास्तविक कार्य-अनुभव मिलेगा।

60,000 करोड़ रुपये की योजना से अपग्रेड होंगी आईटीआई

उल्लेखनीय है कि कुल 60,000 करोड़ रुपये की पीएम-सेतु योजना में केन्द्र का हिस्सा 30,000 करोड़ रुपये, राज्य सरकारों का 20,000 करोड़ रुपये और उद्योग जगत का 10,000 करोड़ रुपये है। योजना के तहत 1,000 सरकारी आईटीआई (200 हब और 800 स्पोक) को अपग्रेड किया जाएगा। राजस्थान के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 5जी नेटवर्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल, साइबर सुरक्षा, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और कंस्ट्रक्शन ऑटोमेशन जैसे 32 से अधिक नए पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण मिलेगा। वहीं, 5 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को वैश्विक साझेदारियों के साथ ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाया जा रहा है, जिससे राजस्थान के आईटीआई प्रशिक्षकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा।

राजस्थान में पीएम-सेतु के प्रभावी क्रियान्वयन से कौशल प्रशिक्षण को औद्योगिक विकास की जरूरतों से जोड़ने, युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और स्थानीय उद्योगों को कुशल कार्यबल उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। यह पहल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के आधार को मजबूत करने के साथ युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। 

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