Udaipur Times, Rajasthan News: राजस्थान में समय-समय पर आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक मेलों एवं यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने सभी जिला कलक्टर एवं जिला सड़क सुरक्षा समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन एवं सड़क सुरक्षा, सार्वजनिक निर्माण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहित संबंधित विभागों के समन्वय से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानीसिंह देथा की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार मेलों के दौरान भंडारों, ट्रैफिक एड पोस्ट, टोल प्लाजा, पेट्रोलिंग वाहनों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं और सिविल सोसायटी के माध्यम से सड़क सुरक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधि, ग्राम विकास अधिकारियों के साथ एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस एवं स्काउट्स-गाइड्स की भी सहायता लेने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं के कपड़ों और सामान पर लगेगा रिफ्लेक्टिव टेप
भंडारों के माध्यम से श्रद्धालुओं की कलाई, बैग, झंडे अथवा अन्य वस्तुओं पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही अधिक से अधिक रेडियम पट्टियां एवं रेडियम जैकेट वितरित कर उनके उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देशों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साइकिल, गैर-मोटर चालित वाहनों और पशुओं पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा मोटरसाइकिल से आने वाले एवं डीजे साथ लेकर चलने वाले श्रद्धालुओं के नियंत्रित संचालन के लिए आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
हेलमेट, सीट बेल्ट और ओवरलोडिंग पर सख्ती
श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाकर हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने और क्षमता से अधिक सवारियां नहीं बैठाने की पालना सुनिश्चित की जाएगी। भार वाहनों में यात्री परिवहन, वाहनों की छत पर सवारी तथा जुगाड़ वाहनों के इस्तेमाल पर भी रोक के निर्देश दिए गए हैं। वाहनों में रिफ्लेक्टर टेप, अंडररन प्रोटेक्शन डिवाइस एवं स्पीड गवर्नर के उपयोग तथा वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। राजमार्गों और प्रमुख मार्गों से अनधिकृत पार्किंग हटाकर यातायात नियमों की पूर्ण पालना कराई जाएगी।
लंबी दूरी के वाहन चालकों के लिए 8 घंटे की सीमा
लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों पर नियंत्रण के लिए मोटर वाहन अधिनियम, 1988 एवं मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स एक्ट, 1961 के प्रावधानों के अनुसार चालक द्वारा एक दिन में अधिकतम 8 घंटे वाहन चलाने के नियम की सख्ती से पालना कराने के भी निर्देश दिए हैं।
हाईवे पर श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग
अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में हाईवे के शोल्डर की ओर रिफ्लेक्टिव कोन एवं चेन की मदद से पृथक मार्ग निर्धारित कर श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। पैदल यात्रियों के सड़क पार करने के लिए निर्धारित स्थान तय कर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था तथा मेलों के दौरान अस्थायी सूचनात्मक साइन बोर्ड लगाने को भी कहा गया है।
दुर्घटना संभावित स्थानों पर एंबुलेंस की तैनाती
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से दुर्घटना संभावित स्थानों पर एंबुलेंस की तैनाती और त्वरित चिकित्सा सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। टोल एवं प्रमुख सड़क मार्गों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ट्रॉमा सेंटर और निकटतम अस्पतालों की दूरी दर्शाने वाले साइन बोर्ड लगाना भी अनिवार्य किया गया है। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने संबंधित विभागों से इन निर्देशों की अनिवार्य रूप से पालना सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि धार्मिक यात्राओं एवं मेलों के दौरान श्रद्धालुओं और पैदल यात्रियों का आवागमन सुरक्षित एवं दुर्घटनारहित बनाया जा सके।