Salumber: साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने योजनाओं की प्रगति परखी, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश

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Udaipur Times News, सलूंबर, 27 जुलाई 2026

1.साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने योजनाओं की प्रगति परखी, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश

आमजन को समयबद्ध मिले बेहतर सुविधाएं - जिला कलक्टर

 जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वीसी कक्ष में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला स्तरीय अधिकारीगण एवं वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारीगण जुड़े। इस दौरान जिला कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। Salumber News

उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समय पर पूर्ति करें।

बैठक में जिला कलेक्टर ने ग्राम स्तरीय ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की तैयारियों और उनके प्रभावी संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए सभी विभाग पूरी तैयारी के साथ कार्य करें।

उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभागवार लक्ष्य एवं उपलब्धियों की जानकारी ली तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने कहा कि वर्तमान वर्षा ऋतु को देखते हुए पेयजल व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को जल गुणवत्ता की नियमित जांच कराने तथा शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि बारिश के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में मरम्मत कार्य त्वरित गति से किया जाए, ताकि आमजन को कम से कम समय में बिजली उपलब्ध हो सके। Administrative News Salumber

जिला कलक्टर ने जिले के प्रमुख बांधों एवं जलाशयों के जलभराव की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लगातार जलस्तर की निगरानी रखें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहें।

आवश्यक होने पर पूर्व तैयारी एवं समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। बैठक में हरियालो राजस्थान अभियान के तहत जिले में किए जा रहे पौधारोपण कार्यों की भी समीक्षा की गई।

जिला कलेक्टर ने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि लगाए गए पौधों का जीवित रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका रोपण। जिला कलेक्टर ने बैठक में संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों एवं परिवेदनाओं का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

2.नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026

 जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रकोष्ठ प्रभारियों की बैठक ली, अधिकारियों को दिए प्रभावी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निर्वहन के निर्देश

  आगामी नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) मुहम्मद जुनेद पी पी ने सोमवार को जिला कलक्ट्रेट परिसर स्थित वीसी कक्ष में विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रभारी एवं सहायक प्रभारी अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने चुनाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन करने के निर्देश दिए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव संबंधी सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रकोष्ठ अपने दायित्वों का समय पर निर्वहन करे तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को सफल बनाए। Udaipur News

उन्होंने प्रकोष्ठों के प्रशिक्षण, मतदान केंद्रों के भौतिक निरीक्षण, आवश्यक आधारभूत सुधार तथा अन्य तैयारियों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने चुनाव संचालन, निर्वाचन अनुभाग, लेखा, मतदान केंद्र, न्याय एवं कानून व्यवस्था, मतदान दल गठन, आदर्श आचार संहिता, रूट चार्ट, यातायात, वेयरहाउस, प्रशिक्षण, चुनाव भंडारण, रसद, मीडिया, कंप्यूटर व्यवस्था एवं सामान्य व्यवस्था सहित विभिन्न प्रकोष्ठों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से कार्य करें, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया सुचारु एवं निर्बाध रूप से संपन्न हो सके। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ दिनेश राय सापेला सहित सभी प्रकोष्ठ प्रभारी एवं सहायक प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।

3. 30 जुलाई को जिला जन अभियोग एवं सतर्कता समिति की बैठक आयोजित होगी

आमजन से प्राप्त अभियोगों के त्वरित एवं नियमानुसार निस्तारण के उद्देश्य से जिला जन अभियोग निस्तारण एवं सतर्कता समिति की बैठक 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) प्रातः 11:00 बजे जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिला कलक्टर कार्यालय, सलूंबर के वीसी कक्ष में आयोजित होगी। प्रभारी अधिकारी सतर्कता एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने बताया कि बैठक में जिला सतर्कता समिति के पूर्व में पंजीकृत प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा कर उनका निस्तारण किया जाएगा। Salumber News

सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के साथ बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिन विभागों के कोई प्रकरण विचाराधीन नहीं हैं, उनके कार्यालयाध्यक्षों की उपस्थिति भी अनिवार्य रहेगी।

4. 41 जिलों में 25 फसलों का होगा बीमा कवरेज, किसानों के लिए फसल बीमा पूर्णतः स्वैच्छिक—खरीफ में 31 जुलाई और रबी में 31 दिसंबर तक करा सकेंगे बीमा

 राज्य सरकार ने किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से होने वाले फसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को खरीफ 2026 एवं रबी 2026-27 के दो फसल मौसम के लिए प्रदेश में लागू किया है।

भारत सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की परिचालन मार्गदर्शिका-2023, समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों तथा राज्य स्तरीय समन्वय समिति फसल बीमा की बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप जारी अधिसूचना के तहत योजना का क्रियान्वयन राज्य के पूर्व के 41 जिलों के आधार पर किया जाएगा।

योजना के तहत खरीफ मौसम में बाजरा, ज्वार, मक्का, मूंग, मोठ, ग्वार, चंवला, उड़द, अरहर, सोयाबीन, तिल, धान, कपास एवं मूंगफली सहित 14 फसलों तथा रबी मौसम में गेहूं, जौ, चना, सरसों, तारामीरा, जीरा, धनिया, ईसबगोल, मेथी, रबी मक्का एवं मसूर सहित 11 फसलों को अधिसूचित किया गया है। इन फसलों के लिए बीमा इकाई क्षेत्र तहसील एवं पटवार मंडल निर्धारित किया गया है।

किसानों के लिए फसल बीमा पूरी तरह स्वैच्छिक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ऋणी, गैर-ऋणी एवं पात्र बंटाईदार किसान अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकेंगे। फसल बीमा करवाना किसानों के लिए पूर्णतः स्वैच्छिक है। ऋणी किसान यदि योजना से बाहर रहना चाहते हैं तो उन्हें खरीफ के लिए 24 जुलाई तथा रबी के लिए 24 दिसंबर तक संबंधित वित्तीय संस्था में निर्धारित घोषणा-पत्र प्रस्तुत करना होगा। अन्यथा उन्हें योजना में सम्मिलित माना जाएगा।

गैर-ऋणी किसान खरीफ के लिए 31 जुलाई 2026 तथा रबी के लिए 31 दिसंबर 2026 तक नजदीकी बैंक शाखा, केन्द्रीय सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, वाणिज्यिक बैंक, डाकघर अथवा सीएससी के माध्यम से फसल बीमा करा सकेंगे। इसके अतिरिक्त अधिकृत बीमा एजेंट/मध्यस्थ तथा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत बीमा कराया जा सकेगा। 

प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान पर बीमा सुरक्षा योजना में कम वर्षा एवं प्रतिकूल मौसम के कारण बाधित अथवा निष्फल बुवाई, खड़ी फसल में सूखा, लंबी सूखा अवधि, बाढ़, जलप्लावन, कीट एवं रोग, भूस्खलन, बिजली गिरने से प्राकृतिक आग, तूफान, ओलावृष्टि एवं चक्रवात से होने वाले नुकसान को बीमा सुरक्षा प्रदान की गई है।

फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए काटकर रखी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, असामयिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान के लिए भी अधिकतम 14 दिवस तक व्यक्तिगत आधार पर बीमा सुरक्षा उपलब्ध होगी। फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे में देना जरूरी फसल कटाई उपरांत नुकसान की स्थिति में प्रभावित किसान को घटना के 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन 14447, Crop Insurance App अथवा लिखित रूप में संबंधित बैंक या कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचना देनी होगी। निर्धारित समय में सूचना नहीं दे पाने की स्थिति में किसान को अधिकतम सात दिवस के भीतर निर्धारित प्रपत्र में बीमा कंपनी को पूर्ण सूचना उपलब्ध करानी होगी।

बाधित एवं निष्फल बुवाई पर बीमित राशि का 25 प्रतिशत तक मुआवजा खरीफ मौसम में कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसम के कारण यदि किसी अधिसूचित इकाई क्षेत्र में प्रमुख फसल के 75 प्रतिशत या अधिक क्षेत्र में किसान बुवाई नहीं कर पाते अथवा बाधित/निष्फल बुवाई की स्थिति उत्पन्न होती है, तो योजना प्रावधानों के अनुसार पात्र किसानों को बीमित राशि के 25 प्रतिशत तक क्षतिपूर्ति देय होगी। इस प्रावधान को निर्धारित समय-सीमा में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाना आवश्यक होगा।

गेहूं एवं सोयाबीन के लिए YES-TECH तकनीक का उपयोग राज्य में तकनीक आधारित फसल उपज आकलन को बढ़ावा देते हुए भारत सरकार की YES-TECH (Yield Estimation System Through Technology) गाइडलाइन के अनुरूप 5,000 हेक्टेयर से अधिक बुवाई क्षेत्र वाले जिलों में गेहूं एवं सोयाबीन के लिए फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त उपज को 50 प्रतिशत तथा तकनीकी उपज को 50 प्रतिशत भार देकर उपज का आकलन किया जाएगा।

इससे फसल बीमा दावों के निर्धारण में आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक आंकड़ों का उपयोग सुनिश्चित होगा। गारंटी उपज में श्रेष्ठ पांच वर्षों का औसत बीमा इकाई की गारंटी उपज निर्धारित करने के लिए वर्ष 2018-19 से 2024-25 तक के सात वर्षों में से श्रेष्ठ पांच वर्षों की औसत उपज को आधार बनाया गया है। इस औसत उपज को निर्धारित 80 प्रतिशत जोखिम स्तर से गुणा कर गारंटी उपज निर्धारित की गई है। गारंटी उपज संपूर्ण अनुबंध अवधि में समान रहेगी। फसल कटाई प्रयोगों से होगा क्लेम का निर्धारण फसल बीमा दावों की गणना के लिए निर्धारित संख्या में फसल कटाई प्रयोग CCE Agri App के माध्यम से ऑनलाइन किए जाएंगे।

 

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