Rajsamand: CMHO ने राज्यावास में PHC भवन के लिये देखी जगह

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News-CMHO ने राज्यावास में PHC भवन के लिये देखी जगह
उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन में संचालित पीएचसी का भी किया निरीक्षण

राजसमंद, 3 मई। सीएमएचओ डॉ हेमन्त कुमार बिन्दल ने राज्यावास में स्वीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के लिये आवंटित जमीन को मौके पर जाकर देखा। उन्होने ग्रामीणो को बताया कि पीएचसी  भवन निर्माण के लिये प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो गई है शीघ्र ही सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा कार्य शुरू किया जायेगा।

उन्होंने उपस्वास्थ्य केन्द्र में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र राज्यावास का निरीक्षण कर वहां दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का अवलोकन किया तथा गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, लाडो प्रोत्साहन योजना, टी.बी मुक्त भारत अभियान जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमो की समीक्षा तथा शत प्रतिशत ग्रामीणो की आभा आईडी बनाने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणो को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही नवीन भवन का कार्य शुरू हो जायेगा।  

News-स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान सर्वे का निरीक्षण

राजसमंद। स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के तहत जिले में संचालित कुष्ठ रोगी सर्वे अभियान जो स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं आशा द्वारा किया जा रहा है। सर्वे निरीक्षण हेतु डिप्टी सीएमएचओ हेल्थ डॉ राजकुमार खोलिया एवं एपिडिमियोलोजिस्ट हरिश कुमार द्वारा राजसमंद ब्लॉक के ग्रामीण क्षैत्र में भ्रमण कर सर्वे कार्य की गुणवत्ता का अवलोकन किया ।

डिप्टी सीएमएचओ डॉ राजकुमार खोलिया एवं एपिडिमियोलोजिस्ट हरिश कुमार ने मोही, राज्यावास व कुंवारिया में भ्रमण कर पॉजिटिव रोगियो से सम्पर्क किया तथा आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई तथा उपचार का फिडबैक लिया।

डॉ राजकुमार खोलिया ने बताया कि अभियान आगामी 13 फरवरी तक संचालित होगा जिसके तहत सर्वे कार्य के साथ ही ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों के माध्यम से आमजन को कुष्ठ रोग को लेकर भ्रांतियों के निवारण तथा जांच व उपचार की जानकारी दी जायेगी।

News-VB-GRAM-G एक्ट से मोदी सरकार ने गांवों को निर्णय की ताकत दी-मान सिंह बारहठ

बीजेपी राजसमन्द पूर्व जिला अध्यक्ष एवं कोटा देहात जिला संगठन प्रभारी मान सिंह बारहठ ने  आज पुठोल पंचायत मे कार्यकताओं के साथ मनरेगा के कार्मिको को  VB-GRAM-G बिल (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन – ग्रामीण) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने वहा उपस्थित श्रमिको को इस  बिल  के बारे मे विस्तृत समजाते हुए बताया की यह बिल ग्रामीण भारत के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो रोजगार, आजीविका और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव रखता है।

बारहठ ने बताया कि यह कानून मूल रूप से वर्ष 2005 में नरेगा के रूप में लागू हुआ था, जिसे 2009 में महात्मा गांधी का नाम देकर मनरेगा किया गया। अब समय की आवश्यकता को समझते हुए केंद्र सरकार ने इसे और अधिक प्रभावी बनाकर VB-GRAM-G के रूप में प्रस्तुत किया है। देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और शहरों की ओर पलायन रोकने के लिए यह बिल अत्यंत आवश्यक हैं ,जहां मनरेगा में 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, वहीं VB-GRAM-G बिल में ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। 

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