Rajsamand: मोटर परिवहन अब कराना होगा पंजीयन, नहीं तो होगी कार्रवाई
News-मोटर परिवहन कार्यों से जुड़े नियोजकों और मालिकों को अब कराना होगा पंजीयन, नहीं तो होगी कार्रवाई
राजसमंद। मोटर परिवहन कार्य में नियोजित चालक, परिचालक, हैल्पर आदि कार्मिकों के संरक्षण एवं उनकी सेवा-दशाओं में सुधार हेतु मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 लागू किया गया है।
इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी संस्थान में 5 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं तो संस्थान का पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीयन की प्रक्रिया विभागीय पोर्टल पर सरलता से की जा सकती है। अधिनियम के अंतर्गत मोटर परिवहन कर्मचारियों के दैनिक कार्य का समय 8 घंटे निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम की सीमा एवं उसकी निर्धारित राशि का भी प्रावधान किया गया है।
श्रम कल्याण अधिकारी उमेश राईका ने बताया कि जिले के समस्त मोटर परिवहन कार्यों से जुड़े नियोजकों/मालिकों को सूचित किया जाता है कि वे अपने संस्थानों का पंजीकरण करवाकर अधिनियम के अनुरूप कर्मचारियों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराएँ तथा उनके कल्याण हेतु योगदान दें।
यदि अधिनियम के प्रावधानों की अवहेलना की जाती है तो दोषी नियोजकों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।अधिक जानकारी हेतु कार्यालय श्रम कल्याण अधिकारी, राजसमन्द (कक्ष संख्या-302, जिला कलेक्ट्रेट परिसर, राजसमन्द) में कार्य दिवसों के दौरान कार्यालय समय में अथवा दूरभाष संख्या 02952-222522 पर संपर्क किया जा सकता है।
News-विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने मार्बल उद्योग की समस्याओं पर की चर्चा
राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने मार्बल ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भेंट कर मार्बल पर रॉयल्टी की दरों में वृद्धि से उत्पन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में मार्बल उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि विगत तीन वर्षों से उद्योग गहरी मंदी का सामना कर रहा है। प्रतिस्पर्धी उत्पादों से कड़ी प्रतिस्पर्धा, उपभोक्ताओं की बदलती रुचि, रॉयल्टी और जीएसटी का बढ़ता बोझ उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। विशेषकर निम्न एवं मध्यम गुणवत्ता के मार्बल ब्लॉक बढ़ी हुई रॉयल्टी और करों के कारण बाजार से बाहर होते जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप मार्बल कटर इकाइयाँ बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं, जिससे रोजगार पर भी संकट मंडरा रहा है।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने उद्योग से जुड़े सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वे इन समस्याओं को राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखेंगी। उन्होंने कहा कि मार्बल उद्योग राजसमंद की जीवन रेखा है और इसके संरक्षण एवं विकास के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में गौरव सिंह राठौड़ अध्यक्ष माइनिंग एसोसिएशन राजसमंद, मधुसूदन व्यास सचिव माइनिंग एसोसिएशन राजसमंद, गोविंद सनाढ्य अध्यक्ष मार्बल ट्रेडर्स राजसमंद, सत्य प्रकाश काबरा अध्यक्ष मार्बल गेंगसॉ एसोसिएशन, तनसुख बोहरा संरक्षक माइनिंग एसोसिएशन, रामलाल पालीवाल अध्यक्ष पर्यावरण संस्थान राजसमंद, लक्ष्मण गुर्जर अध्यक्ष ट्रेलर एसोसिएशन राजसमंद, अरविंद सिंह राठौड़ प्रधान, नानालाल तेली अध्यक्ष कटर एसोसिएशन राजसमंद सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
News-राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस और मौसमी बीमारियों के नियंत्रण को लेकर बैठक
राजसमंद जिला कलक्टर अरूण हसीजा ने शुक्रवार 22 अगस्त को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं मौसमी बीमारियों के प्रभावी नियंत्रण की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी ठोस कार्ययोजना बनाकर समन्वय के साथ कार्य करें तथा कार्यक्रम को गंभीरता से सफल बनाएं।
कलक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शत-प्रतिशत कृमि मुक्त कर बेहतर स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उन्होंने विशेष रूप से गुणवत्तापूर्ण एंटी लार्वा गतिविधियों, समन्वित प्रयासों और ठोस कार्ययोजना पर बल दिया।
बैठक के प्रारंभ में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हेमन्त कुमार बिन्दल ने बताया कि मिट्टी जनित कृमि संक्रमण से बच्चों एवं किशोर-किशोरियों के शारीरिक विकास, हीमोग्लोबिन स्तर, पोषण और बौद्धिक विकास पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि निश्चित अंतराल पर कृमि मुक्ति से संक्रमण को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। इस क्रम में 22 अगस्त (शुक्रवार) को कृमि मुक्ति दिवस तथा 29 अगस्त को मॉप-अप दिवस मनाया जाएगा।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमएचओ डॉ. महेन्द्र सिंह खंगारोत ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा विद्यालयों, उच्च शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों तथा मदरसों में शिक्षक 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाएंगे।जिला औषधि भंडार प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने बताया कि जिला स्तर से सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक दवा पहुंचा दी गई है तथा शीघ्र ही विद्यालयों और आंगनबाड़ी केन्द्रों तक भी इसकी आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी।
मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर चर्चा करते हुए सीएमएचओ डॉ. बिन्दल ने कहा कि मलेरिया, डेंगू एवं स्क्रब टाइफस नियंत्रण के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पंचायती राज, नगर परिषद, नगर पालिका, पशुपालन एवं कृषि विभाग का सहयोग आवश्यक है। इसके अंतर्गत घरों के आसपास की झाड़ियां हटाना, फॉगिंग कराना तथा मच्छर रोधी गतिविधियों का संचालन करना शामिल है।
जिला कलक्टर ने नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं के आयुक्तों तथा निष्पादन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी वार्डों में फॉगिंग की कार्ययोजना बनाकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा करें। वहीं सीईओ जिला परिषद श्री बृजमोहन बैरवा ने ग्रामीण क्षेत्रों में झाड़ियां हटवाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
बैठक में अतिरिक्त जिला अधिकारी, सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा शिक्षा, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं उच्च शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
