अंधेरी नगरी, चौपट राजा: राजसमंद नगर परिषद की लापरवाही ने खोले भ्रष्टाचार के दरवाज़े

V-Mart शोरूम का मामला बना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल

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राजसमंद 3 सितंबर 2025। राजसमंद नगर परिषद पर एक बार फिर गंभीर आरोपों की बौछार हुई है। शहर के हृदयस्थल पर स्थित विशाल मेगामार्ट (V-Mart) शोरूम के कथित अवैध संचालन को लेकर एडवोकेट जितेंद्र खटीक ने नगर परिषद और स्थानीय नेताओं की मिलीभगत पर उंगली उठाई है। खटीक का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा भूमितल बंद कर आवासीय स्वीकृति प्रदान की गई थी लेकिन इसके बावजूद रसूखदार के द्वारा नियमों को तर्क में रखकर बिल्डिंग में पहली और दूसरी मंज़िल पर भी अवैध रूप से व्यवसायिक गतिविधियाँ शुरू कर रखी हैं, जो साफ तौर पर राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 का उल्लंघन है।

इस पूरे प्रकरण में परिषद की भूमिका "अंधेरी नगरी चौपट राजा" जैसी प्रतीत हो रही है। जब आम दुकानदारों पर नगर परिषद ने कार्रवाई करते हुए उनकी दुकानें सील कर दी थीं, तब  V-Mart जैसे बड़े ब्रांड को चार बार नोटिस देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे स्पष्ट है कि छोटे व्यापारियों पर नियम और बड़े व्यापारियों पर रियायत-यही अब परिषद का नया चाल-चरित्र बन चुका है।

एडवोकेट खटीक का कहना है कि उन्होंने इस विषय में अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें केवल गोलमोल जवाब ही मिले। इससे यह अंदेशा और मजबूत होता है कि प्रशासन किसी राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या जानबूझकर आंखें मूंद रखी हैं।

नगर परिषद ने अब सात दिन का स्पष्टीकरण मांगा है, परंतु जब पहले की चार नोटिसें ठंडे बस्ते में चली गईं, तो इस बार कार्रवाई की उम्मीद करना खुद को धोखा देने जैसा है।

यदि समय रहते इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो यह न केवल शहर में प्रशासनिक पक्षपात और भ्रष्टाचार का प्रतीक बनेगा, बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी टूटेगा।