RIICO प्रत्यक्ष आवंटन योजना बनी गेमचेजिंग स्कीम
जयपुर 17 मई 2026। प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हेतु उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से RIICO द्वारा संचालित प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 को निवेशकों का लगातार उत्साहजनक समर्थन मिल रहा है। योजना के दसवें चरण में 465 औद्योगिक भूखण्डों के लिए लगभग 800 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन भूखण्डों का कुल क्षेत्रफल लगभग 294 एकड़ तथा अनुमानित मूल्य करीब 550 करोड़ रुपये है।
इस चरण में जोधपुर के औद्योगिक क्षेत्र कांकाणी के लिए सर्वाधिक 267 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त अजमेर स्थित आईजीपी अजयमेरू पालड़ा विस्तार के लिए 48, अलवर के आईजीपी रूंध सोखरी के लिए 43, पचपदरा रिफाइनरी के पास विकसित किये गये औद्योगिक क्षेत्र बोरावास कलावा प्रथम के लिए 31 तथा बोरानाडा विस्तार औद्योगिक क्षेत्र के लिए 58 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
RIICO ने असंतृप्त औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्ड आवंटन के लिए फ्लेक्सिबल लैंड लीज एवं किराया नीति में आंशिक संशोधन कर यह प्रावधान किया है कि जिन औद्योगिक क्षेत्रों में दो प्रयासों के बाद भी 25 प्रतिशत से अधिक भूखण्डों का आवंटन नहीं हो पाया है, वहां भूखण्डों का आवंटन प्रचलित दर के 60 प्रतिशत अथवा आरक्षित दर, जो भी अधिक हो, पर किया जायेगा।
नौवें चरण में 60 प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराए गए 22 भूखण्डों के लिए 25 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें सर्वाधिक आवेदन अजमेर के अजयमेरू पालड़ा विस्तार क्षेत्र के लिए आए थे। वहीं दसवें चरण में ऐसे असंतृप्त औद्योगिक क्षेत्रों के लिए पहले से कहीं अधिक 113 आवेदन प्राप्त हुए हैं। अजयमेरू पालड़ा विस्तार (अजमेर), सरदारशहर विस्तार (चूरू), कचारिया (किशनगढ़), लोहावट एवं सियामाली (मंडौर) सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में इसी संबंध में बडी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं।
राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप रीको लगातार निवेश-अनुकूल नीतियों पर कार्य कर रहा है। निवेशकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किए जा रहे सुधार एवं नीतियों का सरलीकरण राज्य में औद्योगिक निवेश को नई गति प्रदान करेंगे तथा नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देंगे। रीको द्वारा प्रक्रियाओं को सरल बनाने एवं उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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